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सर्राफा आंदोलन: कारोबारियों ने एकत्र की वित्त मंत्री की अस्थियां

Wed, 09 Mar 2016 07:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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अरुण जेटली - फोटो : amar ujala
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एक्साइज ड्यूटी लगाने के विरोध में आंदोलन कर रहे सर्राफा कारोबारियों ने एक दिन पहले प्रतीकात्मक रूप से शव यात्रा और अंतिम संस्कार करने के बाद बुधवार को प्रतीकात्मक तौर पर वित्त मंत्री की अस्थियां एकत्र की। इसके साथ ही व्यापारियों ने क्रमिक अनशन भी शुरू कर दिया है।
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ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल, सर्राफा मंडल, युवा सराफा मंडल, स्वर्ण शिल्प समिति और स्वर्णकार संघ की ओर से एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ आठवें दिन भी आंदोलन जारी रहा। मंगलवार को निकाली गई वित्त मंत्री की शव यात्रा के अगले चरण में प्रतीकात्मक रूप से उनकी अस्थियां एकत्र कर हांडी में रखी गई।

व्यापारियों ने वित्त मंत्री की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करने के बाद क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। पहले दिन लक्ष्मण सेठी, अशोक वर्मा, विनय जैन, देवेंद्र सिंह और प्रदीप वर्मा ने क्रमिक अनशन किया।
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विधानसभा से केंद्र को भेजेंगे पत्र
सर्राफा मंडल के उपाध्यक्ष सुनील मैसोन ने बताया कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान और उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने भी उनके आंदोलन को समर्थन दे दिया है। इस संबंध में विधानसभा से एक पत्र लिखकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल गोयल ने भी सराफा आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर एक्साइज ड्यूटी का काला कानून सहन नहीं किया जाएगा।

ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल के महासचिव गुरजीत सिंह ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह भरोसा दिया गया है कि हर हाल में यह कानून वापस होगा। आंदोलन में प्रवीन जैन, गौरव रस्तोगी, धर्मेंद्र रस्तोगी, मनमीत सिंह, अमित गोयल, सुमित गोयल, अमित वर्मा, विमल कपूर, प्रदीप बंसल, राजू वर्मा, महेश चंद आदि मौजूद रहे।

11 तक नहीं मानी सरकार तो रोकेंगे रेल
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में आंदोलन कर रहे सराफा कारोबारियों ने अब रेल रोकने की चेतावनी दी है। सराफा मंडल के उपाध्यक्ष सुनील मैसोन ने बताया कि अगर केंद्र सरकार ने 11 मार्च तक एक्साइज ड्यूटी वापस न ली तो वह 11 मार्च को ही रेल रोकेंगे। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि रेल दून में रोकी जाएगी या कहीं और। सराफा कारोबारियों का कहना है कि वह आंदोलन से कतई पीछे नहीं हटेंगे।
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