स्वाइन फ्लू धीरे-धीरे उत्तराखंड के लोगों को शिकार बनाता जा रहा है। बुधवार को स्वाइन फ्लू से पीड़ित ऋषिकेश निवासी 50 महिला की मौत हो गई।
अब तक स्वाइन फ्लू से राज्य में चार मौत हो चुकी हैं। बताया गया कि उक्त महिला को 20 फरवरी को हिमालयन अस्पताल लाया गया था। जिसके बाद उनमें संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद 23 फरवरी को सैंपल लिए गए।
राज्य में स्वाइन फ्लू के अब तक कुछ 13 मामले सामने आए हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले स्वाइन फ्लू से निपटने की समुचित व्यवस्था न होने पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य महानिदेशक से जवाब मांगा था।
नेहरू कॉलोनी निवासी भूपेंद्र कुमार ने 17 फरवरी को आयोग में शिकायत की थी कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू पैर पसार रहा है।
इसके बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट तो जारी कर दिया, लेकिन फ्लू से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
प्रदेश के विभिन्न बड़े सरकारी अस्पतालों में भी अलग से आइसोलेशन वार्ड नहीं बने हैं। राज्य के सबसे बड़े सरकारी दून अस्पताल में अधिकारी आपसी खींचतान में ही उलझे हैं।
दून अस्पताल और मेडिकल कालेज चिकित्सा प्रबंधन एक-दूसरे पर जिम्मेवारी डालकर खींचतान में लगे हैं। जिससे मरीजों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है जबकि देहरादून में ही स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है।