वनों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को 2.8 करोड़ रुपये दिए हैं। जंगलों में आग के बाद वन्य जीवों के शिकार की घटनाएं बढ़ गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण अपराधी बेखौफ हैं।
इंटीग्रेटेड इंटेंसिव फोरेस्ट मैनेजमेंट के तहत केंद्र ने यह धनराशि जारी की है। इससे वनों में चौकियों के अलावा बाउंड्री पिलर तैयार किए जाएंगे। वन मंत्री दिनेश अग्रवाल कह चुके हैं कि वन्य जीव तस्कर आधुनिक हथियारों से लैस हैं, उनका मुकाबला करने के लिए विभागीय कर्मचारियों को भी उच्चीकृत असलहों से लैस होना पड़ेगा।
इसके साथ ही वन क्षेत्रों की सुरक्षा के और भी उपाय करने पड़ेंगे। वनों में सड़कें न होने से कर्मचारियों को गश्त में दिक्कत आती है। इसके अलावा पर्याप्त चौकियां नहीं हैं, जहां पर कर्मचारी रह सकें। उत्तराखंड के मध्य हिमालयी क्षेत्र के चौड़ी पत्ती वाले वनों में गैर-कानूनी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
इस संबंध में प्रदेश शासन ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर पहले चरण में 2.8 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। प्रमुख वन संरक्षक (वित्त एवं नियोजन) जयराज ने बताया कि स्वीकृत धनराशि से वनों की सुरक्षा के मद्देनजर विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।
Punlished By : Nirmala Suyal