दो सगे भाइयों की अलग-अलग मनोवृत्ति हो सकती है, लेकिन भाई का भाई के प्रति प्रेम हमेशा बना रहता है, इसकी झलक यहां हुपली के गडेरा गांव में देखने को मिली। छोटे भाई की मौत के 12 घंटे बाद बड़े भाई ने भी प्राण त्याग दिए। दोनों बुजुर्गों का नाचनी संगम में अंतिम संस्कार किया गया।
हुपली के गडेरा गांव में शुक्रवार रात करीब 9 बजे मोती सिंह राणा (70) की मृत्यु हुई। शनिवार तड़के परिजन और गांव के लोग शव के अंतिम संस्कार के लिए नाचनी गए थे कि सुबह करीब 9 बजे मोती सिंह के बड़े भाई राम सिंह राणा (90) ने भी प्राण त्याग दिए।
राम सिंह की मृत्यु की सूचना मोती सिंह का दाह संस्कार कर रहे लोगों को दी गई। गांव के लोक श्मशान से ही घर गए और राम सिंह का शव भी ले आए। तब मोती सिंह की चिता जल रही थी। पास में ही राम सिंह की चिता लगाई गई।
प्रधान गोविंद सिंह चुफाल, प्रगतिशील किसान रतन सिंह चुफाल, मंगल सिंह दशौनी, त्रिलोक सिंह सामंत ने दोनों भाइयों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि ऐसी मिसाल कम ही देखने को मिलती है। बताया कि दोनों भाई खेतीबाड़ी का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते थे।