सब कुछ ठीक रहा, तो आने वाले दिनों में ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन प्रभावित जोन लामबगड़ में बरसात में भी यातायात प्रभावित नहीं होगा।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य करने वाली दो कंपनियों ने यहां गहन अध्ययन करने के बाद बीआरओ को एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें ट्रीटमेंट करने से पांच साल तक समस्या से निजात की बात कही गई है। इस काम पर 18 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग का हुआ सर्वे
तीन सौ किमी लंबा ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई साल से बरसात में कई स्थानों पर प्रभावित होता आ रहा है। इससे चारधाम की मंगलमय यात्रा जाम की भेंट चढ़ कर रह जाती है। बीआरओ के आग्रह पर ईको अर्थ रेजिटेंश और जीओ वेब कंपनी ने आपदा से सबसे अधिक प्रभावित लामबगड़ क्षेत्र का सर्वे किया। यहां करीब 450 मीटर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र है।
कंपनी के भू-वैज्ञानिकों को स्लाइड ट्रीटमेंट के विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्र में तीन तरीके से मरम्मत की बात कही है। इस संबंध में बीआरओ को विशेषज्ञों ने रिपोर्ट भी सौंप दी है, जिसे शासन को भेजा जा रहा है।
लामबगड़ में प्रभावित जोन की मरम्मत
लामबगड़ में आपदा प्रभावित 450 मीटर को दुरुस्त करने के लिए हिल स्टेबलाइजेशन, टोह प्रोटेक्शन और ड्रेनेज मैनेज विधि से मरम्मत की जाएगी। धरातल से ही जमीन को मजबूत करने और सुरक्षा की दृष्टि से ग्रोटिंग कर वायर मेस की जाएगी।
पूरे क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज तैयार किया जाएगा। पहाड़ियों से मलबा व पत्थर न गिरे इसके लिए रॉक वोल्टिंग (अंदर के लिए मोड़ना) की जाएगी।