देहरादून के किशननगर क्षेत्र के सैय्यद मोहल्ले की दीपा की शादी तीन नवंबर को है, लेकिन वह इस समय बजाय शादी के सपने संजोने के पानी ढोने को मजबूर है।
दरअसल, दीपा का घर जिस क्षेत्र में है, वहां के तकरीबन दो सौ लोग पानी की रोजमर्रा की किल्लत भुगत रहे हैं। दीपा के पिता परमेश्वर दत्त कोठारी के बकौल मेहमान भी पहुंचने लगे हैं, लेकिन घर में पानी नहीं आने से हाल-बेहाल है।
नहाना-धोना तो दूर, पीने के पानी के लिए भी टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं। मोहल्लेवासियों को यह समस्या विभागीय अधिकारियों के कारनामे के कारण भुगतनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि विभाग ने ऊंची पहुंच रखने वालों के घरों की तरफ लाइन डाल दी है।
इससे अन्य परिवार परेशान हैं। दूसरी ओर, कॉलोनी में पाइप लाइन डालने के लिए ठेकेदार ने सड़क खोदकर छोड़ दी है। जिससे कई जगहों पर गहरे गड्ढे भी हो गए हैं।
इनकी भी सुनिए...
तीन नवंबर को मेरी शादी है। बड़ी बहन रुचि और मैं इन दिनों सिर्फ पानी ही ढोने में लगे हैं। मोहल्ले वाले भी देखकर हैरान हैं। लेकिन पानी की बाल्टी ले जाते हुए कोई टोकता नहीं है, वजह सबको पता है। मेरी जिंदगी का इतना बड़ा दिन नजदीक है, लेकिन मुझे पानी ढोने के अलावा कुछ और सोचने का समय ही नहीं मिल पा रहा है।
- दीपा कोठारी
पानी ने परेशानी बढ़ा दी है। बेटी की शादी है और मेहमानों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है, लेकिन घर में एक बूंद पानी नहीं है। अब टैंकर वालों के चक्कर काट रहे हैं।
- परमेश्वर दत्त कोठारी
मैं अक्सर बीमार रहती हूं। शरीर इतना साथ नहीं देता कि दूर से पानी ढोकर ला सकूं। मोहल्ले में पानी कब आएगा पता नहीं।
- महेश्वरी देवी
विभाग की कार्यशैली मनमानी वाली है। विभागीय कर्मचारियों की सुस्ती से हमें पानी नहीं मिल रहा। अधिकारियों को इलाके की जानकारी तक नहीं है।
- राजेश्वरी उनियाल
बहुत परेशानी बनी हुई है। जल संस्थान घरों में तो पर्याप्त पानी देता नहीं है। हां, उपभोक्ताओं को बिल जरूर समय से पहुंचा दिए जाते हैं।
- खुर्शीद अहमद
मुझे पेयजल किल्लत की जानकारी मिली है। सैय्यद मोहल्ले के लोगों की समस्या जल्द सुलझा दी जाएगी। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- एसके गुप्ता, महाप्रबंधक जल संस्थान