श्रीश्री बालाजी सेवा समिति की ओर से कराए गए निर्धन कन्या विवाह में पांच दुल्हनें ऐसी थी, जिनके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका है। 18 जून को उनके विवाह के दिन ही फादर्स डे भी था। इस दिन अपने पापा को याद कर ये पांचों दुल्हनें खूब रोई।
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार पांचों का रिश्ता इनकी मां ने कराया। चकराता निवासी नीलम ने बताया कि 12 साल पहले पिता गुजर गए थे। मां ने ही परवरिश की। चकराता निवासी सुचिता ने बताया कि तीन साल पहले पिता की मृत्यु हुई।
पाप की यादें अब तक ताजा हैं कि कैसे पिता को फादर्स डे विश किया करते थे। सेलाकुई निवासी किरन ने बताया कि उसके पिता नहीं है। फादर्स डे पर उनकी यादें बची हैं। बताया कि मां ने ही रिश्ता ढूंढा। सीमाद्वार निवासी आरती ने बताया कि चार साल पहले पापा गुजर गए थे।
पापा की छोटी-छोटी बातें बेहद याद आती हैं। चुक्खू मोहल्ला निवासी काजल ने बताया कि मां ने पिता की कमी पूरी करने की कोशिश की लेकिन फादर्स डे पर पिता को याद कर उनकी आंखें भर आती है।