पिछले पांच माह में देहरादून स्थित एमडीडीए प्रबंधन की ओर से कमाई से अधिक खर्च कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इससे भविष्य में वेतन देने और शहर में विकास कार्य कराने पर भी ‘ग्रहण’ लग सकता है। इसे लेकर एमडीडीए के वित्त नियंत्रक भूपेश तिवारी ने अधिशासी अभियंता (ईई) नत्था सिंह रावत को पत्र लिखा है, जिसमें आय और व्यय की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है।
खूब बजट खर्च किया
एमडीडीए प्रबंधन विभिन्न योजनाओं के कंसल्टेंसी से लेकर अन्य विकास कार्य कराने के नाम पर खूब बजट खर्च कर रहा है। जिस हिसाब से योजनाओं पर बजट खर्च किया जा रहा है, उसके मुकाबले एमडीडीए को विकास शुल्क से आय नहीं हो पा रही है। इससे एमडीडीए का बैंक बैलेंस गड़बड़ा गया है।
पढ़ें, पांच अक्टूबर से परेशानी भुगतने को रहिए तैयार
तस्वीर यह है कि मसूरी में बिजली की लाइन को अंडरग्राउंड करने के लिए 2.50 करोड़ रुपए ऊर्जा निगम को दिए जाने हैं, लेकिन एमडीडीए के पास इतनी रकम नहीं है। सूत्रों का कहना है कि अगर विकास शुल्क से कमाई नहीं बढ़ी तो भविष्य में एमडीडीए के सामने वेतन देने का संकट खड़ा हो सकता है।
पढ़ें, यहां सीएफएल का एक दिन का किराया 200 रुपए!
शहर में दूसरे विकास कार्य कराने भी न केवल मुश्किल बल्कि असंभव हो सकते हैं। पत्रांक संख्या 327/लेखा/ 2013-14 के पत्र में एमडीडीए के वित्त नियंत्रक ने पूरी तसवीर से अधिशासी अभियंता को अवगत कराया है। साथ ही भविष्य में बजट की कैसे व्यवस्था की जाएगी। यह बताने के लिए अनुरोध किया है।
ब्योरा - देहरादून ---- मसूरी
आय - 65112851 - 635962 रुपए
व्यय - 78583522 - 31469682 रुपए
(नोट : यह आंकड़ा अप्रैल से अगस्त 2013 के बीच का है।)
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...