तिलसारी और वज्यूला न्याय पंचायत के ग्रामीण तेंदुए के आतंक से सहमे हुए हैं। आए दिन तेंदुए के आबादी में दिखने से ग्रामीण स्थानीय बाजारों से अब घर को अकेले नहीं निकल रहे है।
तिलसारी न्याय पंचायत के नरग्वाड़्री तिलसारी, हुनेरा, गढ़खेत, बगोटिया, सेलाखरक, बजा और वज्यूला न्याय पंचायत के मवई, भिलकोट, हरीनगरी, बूंगा, कोटियूड़ा, घांघली, गलई आदि गांवों तेंदुआ ग्रामीणों को अक्सर दिन में दिख रहा है।
बूंगा के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिलोक बुटोला, डंगोली के पूर्व प्रधान सुंदर लाल वर्मा, गिरीश रौतेला, घांघली के प्रधान सिकंदर अल्ली ने बताया कि तेंदुए के भय से ग्रामीण स्थानीय बाजारों से अब शाम को अकेले नहीं निकल रहे है। उन्होंने वन विभाग से तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
एनटीडी के पास गंगनाथ मंदिर और एसएसबी परिसर से लगे जंगल में चीड़ के एक पेड़ पर रविवार दिन में तेंदुए का बच्चा दिखाई दिया। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन बीट अधिकारी भुवन राम ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो शावक पेड़ पर ही बैठा था।
बाद में शोर से घबराकर वह जंगल की ओर भाग गया। वन बीट अधिकारी ने बताया कि संभवत: मां से बिछड़कर तेंदुए का बच्चा पेड़ पर चढ़ गया होगा। मालूम हो एनटीडी से सटे फलसीमा, बल्ढौटी, सिकुड़ा बैंड आदि जगहों पर अक्सर तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलती रहती है।