92 प्रतिशत किसान होंगे लाभान्वित
सम्मान निधि योजना के लिए खसरा खतौनी के आधार पर किसानों का ब्योरा तैयार किया जाएगा। जिनके पास दो हेक्टेयर तक कृषि जोत है, उन्हीं किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। मुख्य राजस्व आयुक्त कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2010-11 में प्रदेश में 6.72 लाख किसान ऐसे थे, जिनके पास कृषि जोत एक हेक्टेयर से कम है। वहीं, 1.57 लाख से अधिक किसानों के पास एक से दो हेक्टेयर तक ही कृषि भूमि है। प्रदेश सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से राज्य के 92 प्रतिशत यानी करीब नौ लाख किसान लाभान्वित होंगे।
प्रदेश के 6.98 लाख हेक्टेयर पर खेती
राज्य में 6.98 लाख हेक्टेयर भूमि पर 10 लाख से अधिक किसान खेतीबाड़ी करते हैं। राज्य गठन के बाद 17 सालों में 0.72 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में कमी आई है। 3.18 लाख हेक्टेयर भूमि बंजर और 1.43 लाख हेक्टेयर परती भूमि है। राज्य का अधिकांश क्षेत्रफल वन भूमि के अंतर्गत है। जिस कारण पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों पर छोटी-छोटी कृषि जोत है।
खसरा खतौनी के आधार पर जिन किसानों के पास दो हेक्टेयर तक कृषि जोत है, उनका ब्योरा तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इस ब्योरे में किसानों का आधार नंबर व बैंक खातों का डिटेल भी ली जाएगी। जल्द ही शासन स्तर पर बैठक कर योजना की रूपरेखा बनाई जाएगी।
- डी. सेंथिल पांडियन, सचिव, कृषि एवं उद्यान