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Dehradun News: दून अस्पताल में बनेगा बोन बैंक, अत्याधुनिक मशीनों से होगी कैंसर की पहचान

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II- दून अस्पताल के पांच विभागों को विजन-2025 में किया गया शामिल
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I दून अस्पताल में 2025 में कौन-कौन से सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने रोडमैप तैयार कर लिया है। इसमें अस्पताल के पांच मुख्य विभागों को शामिल किया गया है। इसके तहत अस्पताल में बोन बैंक बनाए जाने के साथ ही कैंसर रोग की पहचान के लिए अत्याधुनिक मशीनें भी स्थापित की जाएंगी। इससे मरीजों को लाभ मिलेगा।
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Iऋषिकेश एम्स के बाद दून अस्पताल प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पूरे प्रदेश के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग भी बड़ी संख्या में उपचार के लिए आते हैं। यहां हर रोज करीब दो हजार मरीजों की ओपीडी और करीब 200 मरीजों की आईपीडी होती है। अस्पताल में कुल 48 विभाग हैं। अस्पताल को एनएबीएच की मान्यता दिलाने के लिए भी मानकों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों में अस्पताल में कई सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिले हैं।
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Iअब अस्पताल में और अधिक तकनीकी संसाधनों को स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विजन-2025 के तहत अस्पताल प्रबंधन ने रोडमैप तैयार किया है। इसमें सर्जरी, ईएनटी, स्त्री रोग, ऑर्थो और रेस्पिरेटरी मेडिसन आदि विभागों को शामिल किया गया है। इन विभागों में अत्याधुनिक मशीनों को स्थापित किया जाएगा। इससे बड़े से बड़े रोग के लिए मरीजों को दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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Iथ्रीडी और फोरके रोबोटिक सर्जरी से किया जाएगा उपचार
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Iदून अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि अस्पताल में थ्रीडी और फोरके रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से मरीजों का उपचार किया जाएगा। इससे मेटाबोलिक सिंड्रोम और बेरियाट्रिक की आसानी से सर्जरी की जा सकेगी। इसके अलावा कॉक्लियर इंप्लांट लैब और बोन बैंक के साथ ही कैंसर डिटेक्शन के लिए आधुनिक मशीनों को स्थापित किया जाएगा।
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Iदून अस्पताल विजन-2025 के तहत आगे बढ़ रहा है। इसमें शामिल पांच मुख्य विभागों में अत्याधुनिक मशीनों को स्थापित किया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में मरीजों को लाभ मिलेगा। मरीजों को इलाज के लिए बड़े-बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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I- डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेजI

10jjrp08- झज्जर। रेवाड़ी रोड पर बनी डंपिंग साइट पर बने गंदगी के पहाड़। संवाद

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