ऐसे में पुलिस उनके खिलाफ प्रत्येक तथ्यों को जुटा लेना चाहती है। ऐसे में एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने एसपी क्राइम लोकेश्वर सिंह के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है। इस एसआईटी में सीओ विकासनगर वीएस धौनी, इंस्पेक्टर विकासनगर महेश जोशी, एसओ सहसपुर नरेश सिंह राठौर और विवेचक महिला दारोगा शामिल किया गया है।
मामले में पुलिस ने घटना के सामने आने के 24 घंटे के भीतर छात्रा से गैंगरेप के आरोपी चार छात्रों (एक बालिग छात्र सर्वजीत गिरफ्तार) को हिरासत में ले लिया था। जबकि, घटना को दबाने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में प्रबंधन के लोगों में निदेशक लता गुप्ता, प्रिंसिपल जितेंद्र शर्मा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक मल्होत्रा, दीपक की पत्नी तनु और आया मंजू को गिरफ्तार किया था।
प्रबंधन के पांचों लोग और एक बालिग छात्र वर्तमान में जिला कारागार सुद्धोवाला में बंद हैं। जबकि, नाबालिग इस समय बाल सुधार गृृह हरिद्वार में हैं।
सीबीएसई दिल्ली ने देहरादून के बोर्डिंग स्कूल की रिपोर्ट मांगी है। सीबीएसई देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को यह रिपोर्ट भेज दी गई। अब इस रिपोर्ट के आधार पर स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी होगा। उसके बाद स्कूल की मान्यता खत्म करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राजधानी के एक बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने सीबीएसई को स्कूल की मान्यता खत्म करने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश के आधार पर बृहस्पतिवार को सीबीएसई दिल्ली कार्यालय की ओर से देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गई। क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि अपने स्तर पर जो जवाब स्कूल प्रबंधन ने दिया था, उस आधार पर रिपोर्ट दिल्ली भेज दी है।
अब दिल्ली कार्यालय की ओर से स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इस नोटिस के बाद स्कूल की मान्यता खत्म करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले सीबीएसई देहरादून कार्यालय की ओर से स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस पर स्कूल ने 24 घंटे के भीतर जवाब दे दिया था।