जब परिजनों ने इसका विरोध किया तो डॉक्टर ने पुलिस को बुला लिया। महिला ने पुलिस के सामने पूरी घटना बयां की। मामले में डॉक्टर की गलती पाए जाने पर पुलिस ने डॉक्टर की फटकार लगाई।
दून महिला अस्पताल में बेडों की कमी से मरीज परेशान हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल में बिना सिफारिश बेड ही नहीं मिलता। ऐसी नहीं है कि सरकार व शासन को इस बात का इल्म नहीं, लेकिन कोई कुछ करने को तैयार नहीं। हालत यह कि प्रसव के बाद महिलाएं नवजात संग कॉरिडोर में फर्श पर अपना ठिकाना तलाश रही हैं। इस वक्त कई मरीज फर्श पर चादर डालकर गुजारा कर रहे हैं।