प्रदेश में घंटों हो रही बिजली कटौती बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ रही है। डिमांड बढ़ने से आने वाले दिनों में कटौती बढ़ने की संभावना है। हालांकि ऊर्जा निगम ओपन मार्केट से अतिरिक्त बिजली खरीदकर कम से कम कटौती का दावा कर रहा है।
मार्च पहले हफ्ते में उत्तराखंड बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की परीक्षा शुरू होनी है। ऊर्जा निगम ने पूर्व में दावा किया था कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान प्रदेश में चौबीस घंटे बिजली सुचारु रखी जाएगी।
परीक्षा की तैयारी मद्देनजर फरवरी में भी न्यूनतम कटौती होगी। लेकिन निगम के दावों की अभी से हवा निकलनी शुरू हो गई है। लगता है ऊर्जा निगम ने पिछले सालों के अनुभव से भी सीख नहीं ली है। जगह-जगह मरम्मत के नाम पर कटौती से लोग परेशान हैं। पिछले करीब एक हफ्ते से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में घंटों की कटौती हो रही है।
उत्पादन हो रहा कम
ऊर्जा निगम के प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि पिछले कुछ दिन में लोड बढ़ने पर नार्दर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर (एनआएलडीसी) की ओर से कई बार उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के सभी राज्यों को कम बिजली खींचने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा राज्य के विद्युत गृहों में भी उत्पादन कम हो रहा है। फिर भी कटौती कम करने के लिए ओपन मार्केट से बिजली खरीदी जा रही है। लाइन में इमरजेंसी फाल्ट आने पर सब स्टेशन के बजाय संबंधित क्षेत्र के फीडर पर ही शटडाउन लेकर फाल्ट ठीक कराए जा रहे हैं।
ओपन मार्केट से खरीदकर हो रही जरूरत पूरी
शनिवार को राज्य के जल विद्युत गृहों से 80 लाख 60 हजार यूनिट बिजली प्राप्त हुई। जबकि राज्य में बिजली की डिमांड तीन करोड़ 63 लाख 10 हजार यूनिट रही। केंद्रीय सेक्टर से एक करोड़ 35 लाख 60 हजार यूनिट विद्युत उत्पादन मिला। हरियाणा से बैंकिंग के जरिए लगभग 20 लाख यूनिट, ओपन मार्केट से 50 लाख यूनिट और अन्य स्रोतों की बिजली से कमी को दूर करने की ऊर्जा निगम ने कोशिश की। फिर भी ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर और लाइनों को बचाने के लिए राज्य में शाम पांच बजे तक हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ढाई घंटे की बिजली कटौती की गई।
यहां दें कटौती की सूचना
बिजली गुल होने पर प्रदेश के किसी भी हिस्से से टोल फ्री नंबर- 18004190405 पर फोन कर या संबंधित क्षेत्र के विद्युत सब स्टेशन में सूचना दे सकते हैं।