500 और 1000 के नोटों पर पाबंदी की घोषणा होते ही सराफा कारोबारियों की दुकानों पर काला धन खपाने पहुंचे कई सफेदपोश यह भूल गए कि इन दुकानों में तीसरी आंख उन्हें देख रही थी। नोट बंदी की घोषणा होने के बाद हड़बड़ी में बैगों में 500 और 1000 के नोट भरकर पहुंचे कई अफसरों, नेताओं की फुटेज इन कैमरों में कैद हो गई है।
यह फुटेज इन सफेदपोशों के लिए अब बड़ी मुसीबत बन सकती है, क्योंकि इनकम टैक्स विभाग की सख्ती से परेशान सराफा कारोबारियों ने यह फुटैज सार्वजनिक करने की चेतावनी दे दी है।
सराफा कारोबारियों का कहना है कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है, जबकि उन्होंने कालेधन को सोने में बदलने पहुंचे लोगों को खाली हाथ वापस लौटा दिया था।
काला धन लेकर सराफा की दुकानों पर पहुंच गए
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हर सराफा की दुकान के भीतर और बाहर एचडी कैमरे लगे हुए हैं। जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का एलान किया तो शहर के तमाम नामी काले धन वाले लोग घबरा गए।
उन्हें अपनी दौलत को बचाने को एक ही रास्ता नजर आया, सराफा बाजार। लिहाजा, तमाम सफेदपोश लोग अपने ज्वैलर्स के पास नोटों से भरे बैग लेकर पहुंच गए। ज्वैलर्स ने न तो उन्हें सोना दिया और न ही उनका पैसा लिया लेकिन बैग लेकर आने वाले तमाम बड़े लोग कैमरे में जरूर कैद हो गए।
ज्वैलर्स ने सहेज रखी हैं वीडियो के साथ ऑडियो क्लिप
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यहां तक कि कई ज्वैलर्स के पास तो वीडियो के साथ ही ऑडियो क्लिप भी कैमरे में सेव हो गई है। फिलहाल, सराफा कारोबारी इन फुटेज को किसी को नहीं दे रहे हैं। लेकिन ज्वैलर्स ने साफ किया है कि अगर उन्हें ऐसे ही प्रताड़ित किया जाता रहा तो वह सबकी पोल खोलकर रख देंगे।
ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीन जैन ने कहा कि हमारे पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि हमने किसी का पैसा लेकर गलत तरीके से सोना नहीं बेचा है। कई लोगों की फुटेज भी हमारे पास उपलब्ध है।