एसपीएस राजकीय अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा सेटअप तो तैयार कर लिया है। लेकिन अस्पताल में सेटअप के संचालन के लिए चिकित्सक और प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं है। अब अस्पताल प्रशासन चिकित्सकों और प्रशिक्षित कर्मचारी के लिए निदेशालय की ओर टकटकी लगाए बैठा है। एसपीएस राजकीय अस्पताल में चार बेड का म्यूकोरमाइकोसिस केयर वार्ड तैयार कर दिया गया है। लेकिन अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों के ऑपरेशन केलिए ईएनटी सर्जन ही नहीं है। ऐसे में अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों के ऑपरेशन ही नहीं हो पाएंगे।
वहीं छह जून को अस्पताल में 10 बेड का वेंटिलेटर सुविधा युक्त आईसीयू तैयार हो जाएगा। जबकि अस्पताल में पास आईसीयू के संचालन के लिए एनेस्थेटिक, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और तकनीशियन और प्रशिक्षित स्टॉफ नर्स उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में 60.60 लाख रुपये की सांसद निधि से छह बेड का कोविड आइसीयू भी तैयार किया गया है।
फिलहाल कोविड आईसीयू को श्रीभरत मंदिर ट्रस्ट की ऋषिकेश कोविड फाउंडेशसन से मिले प्रशिक्षित स्टाफ की मदद से संचालित किया जा रहा है। लेकिन अस्पताल प्रशासन के मुताबिक प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था एक महीने तक ही उपलब्ध कराई जाएगी। अब अस्पताल प्रशासन ने एनेस्थेटिक, ईएनटी सर्जन, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और तकनीशियन और प्रशिक्षित स्टाफ नर्स की तैनाती के लिए निदेशालय को डिमांड भेजी है। चिकित्सक और प्रशिक्षित स्टाफ मिलने के बाद ही मरीजों को चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल पाएगा।
निदेशालय को म्यूकोरमाइकोसिस, कोविड और सामान्य आईसीयू चिकित्सकों और प्रशिक्षित कर्मचारी के लिए डिमांड भेजी गई। उम्मीद है कि जल्द ही चिकित्सकों और प्रशिक्षित कर्मचारी की तैनाती हो जाएगी।
- डॉ. विजयेश भारद्वाज, सीएमएस, एसपीएस राजकीय चिकित्सालय