कोरोना संकट के इस समय में वित्तीय मदद लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। ऐसे ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सदस्यों को राहत देते हुए ईडीएलआई (इंप्लाइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम) के तहत बीमा कवर की राशि छह लाख रुपये से बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दी है।
आपको बता दिया जाए कि सरकार ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने के लिए 1976 में ईडीएलआई योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत संगठित क्षेत्र में काम करने वाले किसी व्यक्ति की कोरोना से मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को अधिकतम सात लाख रुपये तक लाइफ इंश्योरेंस मिल सकता है।
यह मृतक की बेसिक सैलरी के हिसाब से मिलता है। इस राशि का क्लेम नॉमिनी की ओर से पीएफ खाताधारक की मृत्यु होने पर किया जाता है। इसका लाभ लेने के लिए नॉमिनी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कोविड से सुरक्षा के लिए पंचायतों को 85 करोड़ की पहली किश्त जारी
कोरोना संक्रमण से ग्रामीणों को बचाने एवं विकास कार्यों के लिए पंचायतों को 85 करोड़ की पहली किश्त जारी कर दी गई है। विभागीय सचिव हरि चंद्र सेमवाल के मुताबिक सीएम के निर्देश पर ग्राम पंचायतों को 63 करोड़, क्षेत्र पंचायतों को आठ एवं जिला पंचायतों के लिए 12 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी की गई है।
विभागीय सचिव ने कहा कि बिना देरी के यह धनराशि पंचायतों तक पहुंच सके इसके लिए इसे डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित किया गया है। इससे विकास कार्यों के साथ ही कोरोना वायरस महामारी से ग्रामीणों को बचाने के लिए आवश्यक उपाय किए जा सकें। बाहर से आने वाले लोगों की क्वारंटीन व्यवस्था के लिए सामुदायिक भवनों, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल एवं अन्य राजकीय भवन आदि की साफ सफाई, बिजली की व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था, मरम्मत, सैनिटाइजेशन आदि कार्यों को पूरा करने में सहायता मिल सकेगी।
पंचायतीराज सचिव ने बताया कि 15 वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों एवं जिला पंचायतों को दी जा रही धनराशि से शासनादेश एवं ग्राम पंचायतवार, क्षेत्र पंचायतवार, जिला पंचायतवार धनराशि का आवंटन पंचायती राज विभाग की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। जिसे कोई भी व्यक्ति अपनी पंचायत के बारे में जानकारी पा सकता है।