भट्ट ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। कांग्रेस में तो कई पदाधिकारी संगीन आरोपों के बाद भी अहम ओहदों पर जमे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में जमीन खिसकती देख कांग्रेस भाजपा में मीटू प्रकरण को तूल देने में लगी है।
भट्ट का आरोप है कि कांग्रेस के प्रवक्ता मनु सिंघवी की सीडी सामने आई थी, लेकिन वे कुर्सी पर बने हैं। कांग्रेस नेता शशी थरुर की तीसरी पत्नी सुनंदा पुष्कर की हत्या में जांच हो रही है।
कांग्रेस में तंदूर कांड से लेकर जैसिका लाल मर्डर जैसे मामले हो चुके हैं। उनकी सांसद रेणुका चौधरी को तो यह तक कहना पड़ा कि कांग्रेस भी मीटू से मुक्त नहीं है। कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के प्रभारी पर भी एक महिला ने मीटू के आरोप लगाए, लेकिन किसी भी मामले में कांग्रेस ने कोई एक्शन नहीं लिया।
एक महिला के शारीरिक उत्पीड़न के आरोप में फंसे भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री संजय कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने राजधानी देहरादून में जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया और रैली निकाली। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा का पुतला भी फूंका। कांग्रेस आरोपी पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रही थी। साथ ही पीड़िता को सुरक्षा देने की मांग भी की गई। प्रकरण में कार्रवाई न किए जाने पर महिला कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के घेराव की चेतावनी दी।
पूर्व घोेषित कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को कांग्रेस भवन में जुटे। यहां से प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में एक रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए निकले। रैली का नेतृत्व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी समेत कई अन्य नेता कर रहे थे।
कांग्रेस भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। गांधी पार्क से रैली घंटाघर चौक पहुंची, जहां वापस एस्लेहाल पहुंचने के बाद भाजपा पार्टी का पुतला फूंका गया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने मीटू प्रकरण में आरोपी भाजपा के संगठन महामंत्री को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में आरोपी को बचाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और मुखर विरोध करेगी। रैली में पूर्व विधायक राजकुमार, महामंत्री विजय सारस्वत, अनुशासन समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, प्रवक्ता डॉ. आरपी रतूड़ी, प्रभुलाल बहुगुणा, विनय सारस्वत, दीप बोहरा, कमलेश रमन, गिरीश पुनेड़ा समेत कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।