कैंट विधानसभा सीट पर भाजपा के अंदर चल रहा घमासान एक बार फिर पार्टी हाईकमान के पास जा पहुंचा है। हाईकमान भी गुटबाजी की गंभीरता को भांपते हुए सतर्क हो गया है। हाईकमान की ओर से ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की हिदायत मिली है।
राजधानी की कैंट विधानसभा सीट पर भाजपा में जबर्दस्त घमासान कई बार सतह पर आ चुका है। करीब आठ महीने पहले मंडल अध्यक्षों के चुनाव से शुरू हुआ यह विवाद थम नहीं रहा है। विवाद बढ़ता देख आठ महीने बाद जीएमएस मंडल को तोड़कर दो मंडल कर कुछ बात बनी थी।
जीएमएस मंडल को तोड़कर प्रेमनगर कांवली मंडल भी बनाना पड़ा। सूत्रों के अनुसार दोनों मंडल के अध्यक्ष डॉ. उदय सिंह पुंडीर और हरीश कोहली की घोषित कार्यकारिणी को महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल द्वारा नए स्तर से बनाने के कारण यह लड़ाई बढ़ी है।
दावेदारी की है जंग
राजनीति के जानकार इस पूरी जंग के पीछे कैंट विधानसभा सीट पर विधायकी की दावेदारी को जोड़कर देख रहे हैं। सीधी लड़ाई पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सीटिंग विधायक हरबंस कपूर और महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल के बीच बताई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि दोनों मंडलों में कार्यकारिणी का विवाद प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू तक भी पहुंचा है और हाईकमान ने स्थानीय नेताओं को संयम बरतने की हिदायत दी है। हालांकि, विधायक हरबंस कपूर और महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल गुटबाजी की बात पर खुलकर कुछ भी बोलने से इनकार करते हैं।