विधानसभा उपचुनावों के लिए भाजपा की ऋषिकेश में रायशुमारी बैठक की जानकारी पार्टी स्तर से क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल को नहीं दी गई थी।
जिस पर अग्रवाल ने प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह और अन्य पदाधिकारियों के समक्ष नाराजगी जाहिर की।
विधायक का कहना था कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में उन्हें मेजबानी का मौका दिया जाना चाहिए था, मगर इसे नजरअंदाज किया गया।
संगठन का संचालन पार्टी की परंपराओं के अनुरूप नहीं
भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि इस दौरान विधायक ने संगठन के राज्यस्तरीय एक पदाधिकारी से सूचना नहीं दिए जाने के बाबत नाराजगी जताई तो पदाधिकारी ने भी विधायक द्वारा दर्ज की गई शिकायत को तवज्जो नहीं दी।
जिस पर उन्होंने पदाधिकारी को इस्तीफे की चेतावनी तक दे डाली। विधायक अग्रवाल का कहना था कि क्षेत्र में संगठन का संचालन पार्टी की परंपराओं के अनुरूप नहीं हो रहा है।
सक्रिय कार्यकर्ताओं को काम करने में परेशानी हो रही है। यहां गुटबाजी हावी है, जिसे समाप्त करने की बजाए बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसके बाद विधायक ने बैठक स्थल पर ही इस मुद्दे पर काफी देर तक हरिद्वार सांसद निशंक से गुफ्तगू भी की।
पंचायत चुनाव में भाजपा जीती, कांग्रेस नहीं
विधानसभा उपचुनाव में रायशुमारी के लिए पहुंचे नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी अधिकृत किए थे, जिनमें से अधिकांश ने जीत हासिल की है।
पंचायत में भी भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा पंचायत में प्रत्याशी अधिकृत ही नहीं किए गए, ऐसे में उसका जीत का दावा गलत है।
उनका कहना है कि अन्य जीत दर्ज कराने वाले प्रत्याशी निर्दलीय हैं।
पांच में से चार सांसद हुए शामिल
रविवार को हुई भाजपा की रायशुमारी में अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा शामिल नहीं हुए।
विधानसभा उपचुनाव में कुमाऊं मंडल में होने वाले दो सीटों के चुनाव के बावजूद उनकी प्रत्याशियों के चयन के लिए बुलाई गई अहम बैठक में शामिल नहीं होना इस दौरान चर्चा की विषय बनी रही।
जबकि अन्य चार सांसद रायशुमारी में रहे। उनकी अनुपस्थिति की वजह पता नहीं चल सकी।