‘सरकार के पास बसपा विधायक के यहां शादी में जाने का समय है, लेकिन गुरुकुल कांगड़ी में आर्य सम्मेलन हुआ, जिसमें देश भर के आर्य विद्वान आए, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं आए।’ उपेक्षा से नाराज भाजपा विधायक संजय गुप्ता शनिवार को अपनी ही सरकार पर कुछ इस तरह फट पड़े। भाजपा विधायक ने दो टूक कहा कि सरकार पर ब्यूरोक्रेसी हावी है। कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं है।
वह मुख्यमंत्री व सरकार के मंत्रियों-अफसरों के बसपा नेता मोहम्मद शहजाद के बेटे की शादी में जाने से बेहद क्षुब्ध हैं। विधायक ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में अपनी इस नाराजगी का इजहार किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने विधायकों के लिए समय नहीं है, लेकिन पूरी सरकार शहजाद के बेटे की शादी में झोटा बिरयानी खाने चली गई। संजय की इस तल्खी ने सियासी हलकों में तैर रही भाजपा विधायकों की नाराजगी की चर्चाओं को एक बार फिर हवा दे दी है।
‘मैं तो भिंडरावाला हूं, मैं कोई डरने वाला थोड़े ही हूं।’
शादी में सीएम रावत व मदन कौशिक
अभी तक सरकार से भाजपा की नाराजगी की चर्चाएं अंदर ही अंदर सुनाई देती थीं। लेकिन, इस बार लक्सर के भाजपा विधायक संजय इस तरह बगावती तेवर में नजर आए कि जब संवाददाता ने उनसे पूछा कि उनका नाम लिखा जाना है कि नहीं, उनका जवाब था,‘मैं तो भिंडरावाला हूं, मैं कोई डरने वाला थोड़े ही हूं।’
संजय का कहना है कि सरकार बनने के दिन से ही उनकी विधानसभा की उपेक्षा की जा रही है। वह कहते हैं, जब से सरकार बनी है, हम कह रहे हैं कि विधानसभा की समीक्षा करो, लेकिन सरकार के पास समय नहीं है। पहले सरकार के द्वारा जनता दरबार लगाए जाते थे। तहसीलवार विधायकों की अध्यक्षता में जिलाधिकारी और एसडीएम द्वारा बहुउद्देश्यीय शिविर लगाए जाते थे।
अब ये शिविर पूरे प्रदेश में कहीं नहीं लगाए जा रहे। कार्यकर्ताओं की किसी को कोई चिंता नहीं है। आम जनमानस की कोई चिंता नहीं है।’ वह यह कहकर अपनी व्यथा जाहिर करते हैं कि ये पार्टी कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से बनी है, खड़ी हुई है, इसकी ये जो हैं... धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला से जो कुछ कहा, उसे वैसे ही प्रकाशित किया जा रहा है। आप भी पढ़ें, कितना आक्रोश है-
‘फक्खड़ विधायक हूं, मेरी पीड़ा है, निष्कासित करा दो’
लक्सर से भाजपा विधायक संजय गुप्ता
लक्सर विधायक संजय गुप्ता इस तरह बोल रहे थे, जैसे सब्र का बांध टूट गया हो। चपेट में आकर कोई बह जाए उनकी बला से, उनका नुकसान हो जाए कोई फिक्र नहीं। यह आपसी संवाद था, अमर उजाला रिपोर्टर ने बार-बार उनकी गोपनीयता बनाए रखने की बात कही। मगर, बांध से निकला पानी, कहां किससे रुकने वाला। चुनौती वाले अंदाज में कहते हैं, नाम से लिख दो, किसी का डर नहीं, निष्काषित करवा दो, मगर कल मैं यह खबर फ्रंट पेज पर पढूंगा....
संजय गुप्ता: नमस्कार, मैं संजय गुप्ता लक्सर से बोल रहा हूं। और क्या चल रहा है। एक बहुत केड़ी न्यूज है, सख्त। आज मुख्यमंत्री और मदन कौशिक शहजाद के यहां गए थे। उसके लड़के की शादी थी। कल प्रकाश पंत भी गए थे। यदि मैं कुछ कहूं तो लिखाओगे।
रिपोर्टर: बिल्कुल
संजय: एक तो लेबौली प्रकरण समझ लो। शहजाद मंगलौर के पास लैबोली का रहने वाला है। उसके यहां आज शादी थी। मदन कौशिक ही ले गए थे, मुख्यमंत्री को।.. तो..मेरा नाम गोपनीय रखोगे या नाम से लिखोगे। नाम से तो नहीं लिखोगे न।
रिपोर्टर: आप कहोगे तो नाम डाल देंगे, नहीं कहोगे तो नहीं डालेंगे।
संजय: नाम डाल दो। मैं तो भिंडरावाला हूं, मैं वैसे कोई डरने वाला थोड़े ही हूं। आप लिखो, आज पूरी सरकार गई लेबौली में पूर्व विधायक शहजाद के यहां झोटा बिरयानी खाने। ठीक है नहीं। यहां आर्य समाज का गुरुकुल कांगड़ी में इतना बड़ा प्रोग्राम हुआ था, जिसमें पूरे देश के आर्य विद्वान आए थे, उसमें माननीय मुख्यमंत्री को जाने का समय नहीं था। ठीक है। किसी तथाकथित के कहने से वो रुक गए। हम जो हैं, जब से सरकार बनी है, तब से हम समय मांग कर रहे, हमारे क्षेत्र में आओ, समीक्षा करो, जो यहां की दिक्कतें हैं, उन्हें दूर करो, आपका स्वागत करेंगे, मगर उनके पास कोई समय नहीं है। पूरी सरकार, मुख्यमंत्री और मदन कौशिक जो कैबिनेट मंत्री हैं और प्रकाश पंत जो कैबिनेट के मंत्री हैं, कल गए थे और ये पूरी सरकार आज गई और वहां एसएसपी डीएम.. ये पार्टी कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से बनी है, खड़ी हुई है, इसकी ये जो हैं... धज्जियां उड़ा रहे हैं। समझ गए। ब्यूरोक्रेसी.. ब्यूरोक्रेसी हावी है, सरकार पे। ठीक है जी,। कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं है। पहले सरकार के द्वारा जनता दरबार लगाए जाते थे और ये तहसील वाइज जिलाधिकारी और एसडीएम द्वारा बहुउद्देश्यीय शिविर लगाए जाते थे, विधायकों की अध्यक्षता में। कहीं नहीं लगाए जा रहे पूरे प्रदेश में। कार्यकर्ताओं की कोई चिंता नहीं है। आम जनमानस की कोई चिंता नहीं है। पूरी सरकार, जा रही है वहां.. मतलब क्या समझ लिया जाए, कैसे चल रही है सरकार। भई ये झोटा बिरयानी जरूर लिखियो, झोटा बिरयानी टाइटल में।
'लिख दो झोटा बिरयानी खाने गई थी, सरकार'
भाजपा विधायक संजय गुप्ता
रिपोर्टर: ठीक है। आपके बयान में क्या लिख दूं।
संजय गुप्ता: लिख दो झोटा बिरयानी खाने गई थी, सरकार, पूर्व विधायक शहजाद के यहां। लिख देंगे आप।
रिपोर्टर: लिख देंगे सर, लिख देंगे।
संजय गुप्ता: अरे आप बहुत बड़े दिल वाले हैं। लिख दो आप मुझे भी निष्कासित करवा दो पार्टी से।
रिपोर्टर: पार्टी से आपको कौन निकाल रहा।
संजय गुप्ता: लिख दो आप, मेरे बड़े भाई, मैं हाथ जोड़ता हूं। आपकी लेखनी है, आप लेखनी के धनी हैं। मैं तो ऐसे ही एक फक्खड़ आदमी हूं, फक्खड़ विधायक हूं। लेकिन मेरी पीड़ा है। ये आप लिख दो, संजय गुप्ता लक्सर विधायक ने कहा कि झोटा बिरयानी खाने गई थी पूर्व विधायक शहजाद के यहां। जिला पंचायत में भी ऐसे ही चल रहा है। जिला पंचायत में जो देहात के विधायक हैं, उन्हें इग्नोर करके और मंत्री के इशारे पर मतलब वह जो है, सत्तार के भाई को रखा गया था, समिति में और अब जो है, एक उसको.. इस्तीफा देकर चुनाव कराया गया और पीछे से बसपा शहजाद का सहयोग लेकर पर्दे के पीछे से और मतलब.. शहजाद को मजबूत करने में तुली हुई है सरकार।
रिपोर्टर: समझ गया
संजय गुप्ता: मैं फ्रंट में पढूंगा कल सुबह को।
रिपोर्टर: बिल्कुल पढ़ाते हैं
संजय गुप्ता-..मेरी पीड़ा है ये। चाहे मुझे कुछ भी हो जाए.. ये जरूर लिख दियो झोटा बिरयानी खाने गई थी पूरी सरकार पूर्व विधायक शहजाद के बेटे की शादी में।