टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर बनलेख के पास छतकांडा में खटीमा से पिथौरागढ़ जा रही बोलेरो (जीप) करीब 250 मीटर खाई में गिर गई। हादसे में चार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 साल के एक बच्चे समेत छह लोग घायल हो गए। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद सभी घायलों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) रेफर कर दिया गया। इनमें दो की हालत बेहद गंभीर है। जीप के परखचे उड़ गए। मृतकों में दो पिथौरागढ़ जिले के मुवानी निवासी सावित्री देवी और लक्ष्मण सिंह थे। दोनों चचेरे भाई-बहन थे। मृतकों में तीसरा व्यक्ति चंपावत के कानाकोट तथा चौथा खटीमा का रहने वाला था। शवों को खाई से निकालने में आठ घंटे लगे। चारों शवों का पोस्टमार्टम रविवार को चंपावत में होगा।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस व प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंच कर राहत काय शुरू किया। अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये व घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने हादसे की वजह तेज गति और चालक की लापरवाही बताया है।
शनिवार सुबह 12.15 बजे जैसे ही खटीमा से पिथौरागढ़ जा रही बोलेरो (यूके 05टीए/1608) के जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर बनलेख के पास छतकांडा में खाई में गिरने की सूचना मिली पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सभी लोग रेस्क्यू अभियान में जुट गए। सभी शवों और घायलों को खाई से सड़क तक लाया जा सका। ढाई घंटे में घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। सीएमएस डॉ.आरके जोशी, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.एचएस ऐरी, डॉ.उदय शंकर, डॉ.इंद्रजीत पांडेय, डॉ.रवि आदि ने घायलों का उपचार किया। मीना देवी (35) पत्नी होशियार सिंह सहित 17 साल के एक युवक सबसे ज्यादा चोट लगी है। 17 साल के युवक की पहचान नहीं हो सकी है। लांस नायक महेंद्र सिंह व ड्राइवर भुवन तिवारी को एसएसबी की एंबुलेंस से, जबकि अन्य चार घायलों को 108 व अस्पताल की एंबुलेंस से हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है।
एसपी धीरेंद्र गुंज्याल, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, एआरटीओ रश्मि भट्ट, कोतवाल सलाउद्दीन खान, आरआई आरएम पांडेय, जसवीर चौहान, नरेंद्र प्रसाद, राजस्व निरीक्षक हरीश जोशी, उप निरीक्षक शंकर वर्मा, सुंदर नेगी, छत्र सिंह, राजीव मेहरा, अमित सिपाल ने दलबल के साथ मौके पर पहुंच राहत कार्य किया।