मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को जिस अच्छी सुबह की बात विधानसभा में कही थी, शुक्रवार को नहीं दिखी। अब भाजपा विधायकों की कई रातें काली जरूर होंगी। सुबह से ही भाजपा विधायक धरने पर सदन के मुख्यद्वार पर बैठ गए।
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विधायक राजकुमार ठुकराल को लेकर भाजपा अनिश्चितकालीन धरना दे रही है। वहीं भाजपा विधायक अरविंद पांडेय आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिया था सदन में बयान
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पहले दिन सदन में ठुकराल के मसले पर विपक्ष से जिस विश्वास और निष्कर्ष की तरफ बढ़ने की बात कही थी वैसा नहीं हुआ। अब मुख्यमंत्री कहते हैं कि भाजपा विधायक हठधर्मिता कर रहे हैं।
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मामला न्यायालय के समक्ष है और मेरे मुख्यमंत्री बनने से काफी पहले का है। केस में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और न्यायालय की प्रॉपर्टी है। अगर भाजपा के पास कोई समाधान है तो सुझाए, हम पर विश्वास करे। मैंने तो दोस्ती की बात की है।
अजय भट्ट का है कहना
धरना देकर बैठे नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट का कहना है, दोस्ती का सवाल नहीं न्याय का सवाल है। मुख्यमंत्री मानते हैं कि मुकदमा फर्जी है तो सरकार को मुकदमा वापस लेने का अधिकार है।
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मुख्यमंत्री ने कहा विश्वास की डोर नहीं टूटनी चाहिए लेकिन उन्होंने गलतबयानी कर विश्वास को तार-तार किया है। उनकी लफ्फाजी से सदन की अवमानना हुई है। भाजपा इस मामले में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी। अब कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दिया था आश्वासन
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि देर रात भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बातचीत हुई थी उन्होंने सुबह तक रास्ता निकालने की बात कही। जब सुबह तक कोई जवाब नहीं आया तो मजबूरन हमें धरना देना पड़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल का कहना है कि सदन की मर्यादा का उल्लघंन हुआ है। इससे पहले क्रूर सरकार ने विधायक को जबरन फंसाया और अब न्याय की बात कह मुख्यमंत्री मुकर रहे हैं।