रुद्रपुर से भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफ झूठा मुकदमा कायम करने के आरोप को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। भाजपाइयों ने सीएम से कहा कि इस मामले में पहले 37 लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत हुआ और सात महीने बाद विधायक को अभियुक्त बनाया गया।
विधायक पर है दंगों का आरोप
सीएम ने इस पूरे मामले की पत्रावली का परीक्षण कराने का आश्वासन भाजपाइयों को दिया है। रुद्रपुर में हुए साम्प्रदायिक दंगो में अभियुक्त बनाए गए भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल की पुलिस को तलाश है। इस प्रकरण को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, विधायक हरबंश कपूर, पुष्कर सिंह धामी, सहदेव सिंह पुंडीर व राजेश शुक्ला संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री से मिले।
37 लोगों पर आरोप
भाजपाइयों ने सीएम को बताया कि इस मामले में शुरूआत में ही 37 लोगों के अभियुक्त बनाया गया था। लेकिन बाद में ऐसी क्या परिस्थिति सामने आई कि विधायक राजकुमार ठुकराल को भी नामजद करना पड़ा। ठुकराल कि खिलाफ दूसरी प्राथमिकी दर्ज कराने से साफ प्रतीत होता है कि विधायक को जान बूझकर फंसाया जा रहा है।
हमने सीएम को बताया कि दंगे में पहले जो 37 लोग नामजद थे फिर विधायक का नाम सात महीने बाद जोड़े जाने का क्या आधार है। यह कैसा मुकदमा है जिसमें दो दो चार्जशीट तैयारी हो रही है। सीएम ने आश्वस्त किया है, यदि उत्पीड़न किया गया तो हमारे पास सड़क से सदन तक के विकल्प खुले हैं।
तीरथ सिंह रावत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष