भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल और कुंवर प्रणव चैंपियन के बीच के विवाद से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट भी खासे व्यथित हैं। उनका कहना है कि जांच समिति की रिपोर्ट पर पार्टी सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी। अमर उजाला ने उनसे इस संबंध में संक्षिप्त बातचीत की।
सवाल : पार्टी ने अनुशासनहीनता का नोटिस दिया, लेकिन जवाब नहीं लिया, ये लचीला रुख क्यों?
अजय भट्ट : कानून में भी समझौते और कंपाउंडिंग की व्यवस्था होती है। जब दोनों विधायकों ने समझौता कर लिया। आपस एक-दूसरे को बड़ा और छोटा भाई मान लिया, तो इसके बाद क्या उपाय रहता। इसलिए हमने जो नोटिस दिया था, हमने उसका जवाब लेना उचित नहीं समझा।
सवाल : विवाद तो अब बयानबाजी से आगे कोर्ट कचहरी तक पहुंच गया?
अजय भट्ट : इसीलिए तो हमने जांच समिति गठित की है। जब समझौता हो गया तो एक दूसरे खिलाफ जांचें और कोर्ट कचहरी के हालात क्यों बनें? अनुशासनहीनता को रोकना हमारी पहली प्राथमिकता है।
सवाल : समिति के सामने दोनों विधायक फिर समझौता कर लेंगे तब पार्टी क्या करेगी?
अजय भट्ट : भाजपा अपने अनुशासन के लिए ही विश्व की नंबर वन पार्टी है। कोई अनुशासन तोड़ेगा तो उसके खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई होगी। पार्टी में इसके कई उदाहरण हैं।
सवाल : पार्टी का वह सख्त एक्शन क्या हो सकता है?
अजय भट्ट : समिति की सिफारिश पर पार्टी दोनों विधायकों के निलंबन और निष्कासन की कार्रवाई भी कर सकती हैं।
सवाल : समिति की जांच के लिए कोई समयसीमा तय की गई है?
अजय भट्ट : समिति को जांच के लिए 15 दिन का समय तो मिलेगा ही।