आगामी विधानसभा चुनावों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। सोमवार को संपन्न हुई भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में यह आह्वान किया गया। साथ ही मोर्चा ने आगामी चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने का संकल्प लिया।
सोमवार को कार्यसमिति के अंतिम दिन राजनीतिक प्रस्ताव पास किया गया। प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय महामंत्री सुखप्रीत कौर ने बताया कि मोर्चा की कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव-2022 में मोदी सरकार की उपलब्धियों से अपने पक्ष में माहौल बनाएंगी। मोर्चा ने राजनीतिक प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए सभी प्रदेशों के अध्यक्ष और महामंत्रियों को प्रत्येक महिला को केंद्र की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा राष्ट्रीय कार्य समिति बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष वानीती श्रीनिवासन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मोर्चा के 37 संगठनात्मक प्रांतों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। राजनीतिक प्रस्ताव में केंद्र सरकार की महिलाओं के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और अधिकतम महिलाओं को इसका लाभ पहुंचाने की रणनीति पर जोर दिया गया। खासकर, ऐसे क्षेत्रों में मोर्चा की महिलाएं एक अभियान के स्तर पर इसे शुरू करेंगी, जहां अनभिज्ञता की वजह से महिलाएं योजनाओं का लाभ सही तरह से नहीं ले पा रही हैं।
कार्यसमिति ने कोरोना काल में असहाय लोगों की मदद में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने सभी प्रदेश इकाइयों के अध्यक्षों की पीठ थपथपाई और सेवा ही समर्पण की भावना से चुनावी राज्यों में युद्धस्तर पर काम शुरू करने को कहा। मोर्चा की आगामी कार्यक्रमों की रणनीति भी तैयार की है, लेकिन इससे पहले इन फैसलों पर संगठन की सहमति ली जाएगी। महामंत्री सुखप्रीत कौर से जब विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर काम कर रही है। आने वाले समय में इसका असर भी नजर आएगा।
इन योजनाओं पर मोर्चा करेगा काम
सबका साथ, सबका विकास, अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, आयुष्मान भारत, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ गौरव और महिला सशक्तीकरण, उज्ज्वला योजना, पीएम आवास योजना, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करना, ट्रिपल तलाक उन्मूलन अधिनियम, कोरोना राहत, मुफ्त टीकाकरण, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, सेवा ही संगठन, महिला सुरक्षा एवं अधिकार, आजादी का अमृत महोत्सव, पोषण अभियान, भारतीय सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन, कामकाजी महिलाओं को मातृत्व लाभ (संशोधन) विधेयक, टोक्यो ओलंपिक खेलों में महिलाओं का जलवा।
मोदी सरकार की नीतियों से सात साल में सशक्त हुई मातृशक्ति
भाजपा महिला मोर्चा कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोष ने कहा कि हमें संयुक्त महिला टीम के रूप में कार्यों को करना होगा। भारतीय जनता पार्टी के पास सबसे बड़ा महिला मोर्चा का संगठन है, जो किसी दूसरे दल के पास नहीं है। महिला मोर्चा हर रसोई तक अपनी पहुंच रखती है और आकाश को पार करने की हिम्मत रखती है। सरकार की योजनाओं तक महिलाओं की आज पहुंच आसानी से बन रही है। आज भारतीय महिलाओं ने बड़ी संख्या में सेना, शासकीय कार्यों और राजनीति के क्षेत्र में अपना लोहा विश्व को मनवाया है।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी महिलाओं की सदी होगी और वह नेतृत्व करने में पूर्ण रूप से सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं पर कई किताबें लिखी हैं, जो कि सभी भाषाओं में उपलब्ध हैं। जिससे कई महिलाओं के जीवन में सशक्तीकरण के लिए बदलाव आए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की ओर से महालक्ष्मी योजना लाकर जिस प्रकार उनको आत्म बल देने का प्रयास किया है, वह आने वाले समय में एक उदाहरण के रूप में चर्चा का विषय बनेगा।