राहुल जी ने जो किया, वह संसदीय परंपरा का हिस्सा है। मुझे अच्छे से याद है कि लोकसभा में राम जेठमलानी की मैंने जमकर मुखालफत की थी, उन्होंने मेरी पीठ थपथपाई थी। यह स्वस्थ परंपरा है। राहुल जी ने बताया कि हम किस तरह की राजनीति में यकीन करते हैं। मगर प्रधानमंत्री ने उन्हें थपकी नहीं दी। संसद में यदि भावनाएं नहीं होंगी, तो फिर हमसे अच्छा रोबोट ही सदन चला लेंगे।
-हरीश रावत, पूर्व सीएम और कांग्रेस के केंद्रीय महासचिव
गंदगी को यदि साफ करना होता है, तो वह गंदगी से नहीं, बल्कि साफ पानी से संभव होता है। राहुल जी ने प्रधानमंत्री को गले लगाकर बहुत बड़ा संदेश दिया है। संसद से लेकर पूरे देश में जिस तरह से माहौल में हलचल और तनाव है, उन स्थितियों के बीच, राहुल जी द्वारा संसद में दिए संदेश के गहरे अर्थ को समझना होगा। राहुल जी ने प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया है।
- अनुग्रह नारायण सिंह, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी
कांग्रेस अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में भी ये बात कही थी कि हमारे जीन में किसी के प्रति नफरत नहीं है। वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन विचारों की अभिव्यक्ति में भी प्रेम और सौहार्द हमेशा मौजूद रहता है। राहुल जी ने साफ संकेत किए हैं कि कांग्रेस हुकूमत की मुखालफत बिना गुस्सा किए कर सकती है। यह कांग्रेस की लाइन है कि वह कैसी राजनीति चाहती है।
- प्रीतम सिंह , प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
राहुल गांधी जी ने साफ संदेश दिया है कि कांग्रेस में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। अलग-अलग दल हो सकते हैं, विचारधारा हो सकती है। मगर दल आपस में दुश्मन नहीं हैं। राहुल जी ने प्रेम का संदेश दिया है। उसका चाहे जो मतलब निकाल ले। मौजूदा राजनीति में जिस तरह से विरोध की भाषा हो गई है, उसमें राहुल जी का संदेश बेहद महत्वपूर्ण है।
-डॉ.इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष
राहुल जी के असाधारण कदम पर प्रधानमंत्री ने जिस तरह की प्रतिक्रिया दी, वह बताती है कि भाजपा का आचरण इस देश की संस्कृति के अनुरूप नहीं है। राहुल जी ने ये ही संदेश देना चाहा है कि हम सब एक देश के नागरिक हैं। एक दूसरे के दुश्मन नहीं है। उन्होंने एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है, मगर भाजपा इसे स्वीकार नहीं कर पा रही है।
- किशोर उपाध्याय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस