भाजपा अपनी राजनीति की जड़ें मजबूत करने के लिए सबसे छोटी इकाई की जिम्मेदारी सबसे अनुभवी नेताओं को सौंप रही है। इस संबंध में हुई बैठक में महानगर अध्यक्ष नीलम सहगल ने पार्टी संगठन की नई कार्ययोजना के संबंध में पदाधिकारियों को जानकारी दी।
महानगर अध्यक्ष नीलम सहगल ने बताया कि संगठन ने वार्डों का नाम बदलकर शक्ति केंद्र कर दिया है। वार्ड इकाई के समकक्ष ही एक इकाई और गठित की जा रही है। वार्ड अध्यक्ष के समकक्ष पालक पद बनाया गया है।
शक्ति केंद्र का पालक उस क्षेत्र में रहने वाला सबसे वरिष्ठ नेता होगा। पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व पदाधिकारी चाहे वे प्रांत के हों या फिर राष्ट्रीय सभी अपने वार्ड यानी शक्ति केंद्र के पालक होंगे।
वरिष्ठता में जो दूसरे नंबर पर होगा, उसे सह पालक पद दिया जाएगा। पालक की जिम्मेदारी होगी कि वह शक्ति केंद्र के पदाधिकाधिकारियों पर निगाह रखे और उनका मार्गदर्शन करे।