पिछले दिनों दागी नेताओं को संगठन में एडजस्ट करने को लेकर भाजपा के भीतर उठा बवाल कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
यदि पार्टी ने जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया तो विरोध की मुहिम चला रहे सभी 18 विधायक दिल्ली कूच कर सकते हैं। और, यह काम आगामी विधानसभा सत्र से पहले होगा। यदि ऐसा हुआ तो सत्र से ठीक पहले भाजपा को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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दागी नेताओं को संगठन में एडजस्ट करने के मामले को लेकर शुरू हुई रार थमती नहीं दिख रही है। प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की अभी तक एक भी बैठक नहीं होने के कारण विधायक और भी ज्यादा नाराज है।
वैसे भी विधायक इस समिति में शामिल प्रदेश अध्यक्ष व संगठन महामंत्री को लेकर एतराज उठा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस समिति से नाउम्मीदी के चलते यह राय बनी कि विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल एक वरिष्ठ एमएलए के नेतृत्व में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह से दिल्ली जाकर अपनी बात रखेगा।
इस कार्रवाई को विधानसभा सत्र से पहले ही अंजाम दिया जाएगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर यह संशय भी पैदा हो गया है कि ज्यादा नाराजगी होने पर पार्टी विधायक कहीं आगामी सत्र में सदन के भीतर असहयोगात्मक रवैया अख्तियार ना कर लें।
और, यदि विधायकों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा तो सदन के भीतर कांग्रेस पर होने वाले भाजपा के वार की धार कुंद पड़ सकती है। इन 18 विधायकों में तीन पूर्व मंत्री, हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर के छह विधायक व शेष विधायक अन्य क्षेत्रों से हैं।
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