कांग्रेस के बागियों को पार्टी में शामिल करने के बाद भाजपा ने अपने बागी विधायक भीमलाल आर्य पर निशाना साधा है। भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष के यहां आर्य की सदस्यता समाप्त करने के लिए याचिका दाखिल की है। भाजपा की कोशिश है कि विधायक भीमलाल आर्य राज्यसभा सीट के चुनाव में मतदान न करने पाएं।
भाजपा के मुख्य सचेतक मदन कौशिक ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष के यहां याचिका दाखिल कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि फ्लोर टेस्ट में विधायक भीमलाल आर्य ने भाजपा के विरोध में मतदान किया है।
आर्य ने अपना वोट कांग्रेस के पक्ष में दिया है। इससे आर्य की सदस्यता समाप्त की जाए। भाजपा ने फ्लोर टेस्ट के मद्देनजर व्हिप जारी किया था। मुख्य सचेतक कौशिक ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया गया है कि आर्य की सदस्यता समाप्त करने संबंधी निर्णय राज्यसभा सीट के चुनाव के पहले लें, जिससे वह मतदान न कर पाएं। अगर आर्य की सदस्यता समाप्त न हुई तो वह कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे।
पहले भी भाजपा ने दी थी याचिका
इसके पहले भी भाजपा ने विधायक आर्य की सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के यहां याचिका दाखिल की थी, लेकिन इसे निरस्त कर दिया गया। इस याचिका में भाजपा ने तर्क दिया था कि कांग्रेस से बगावत करने वाले नौ विधायकों की सदस्यता समाप्त कर दी गई है, इसलिए आर्य की भी सदस्यता समाप्त की जाए।
आर्य ने भी भाजपा से बगावत की और कांग्रेस के साथ चले गए। विधानसभा अध्यक्ष के याचिका निरस्त करने के बाद भाजपा हाई कोर्ट चली गई थी। मुख्य सचेतक कौशिक ने बताया कि हाईकोर्ट में याचिका विनियोग बिल वाले दिन के मामले से संबंधित है और अभी जो याचिका दाखिल की गई है वह फ्लोर टेस्ट में आर्य के कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने से संबंधित है।