मुनस्यारी में बुधवार रात हुई बर्फबारी से क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। अलबत्ता नए साल का जश्न मनाने पहुंचे पर्यटक ताजे हिमपात से झूम उठे। क्षेत्र में बुधवार को मौसम सामान्य था और दिन भर धूप खिली रही। रात 12.45 बजे से करीब एक घंटे तक बर्फबारी हुई। क्षेत्र में आधा इंच तक हिमपात हुआ। हिमपात होने से लोग भी हैरान हैं। उनका कहना है कि रात में मौसम साफ था, हिमपात के बाद फिर से आसमान में तारे दिखने लगे।
ताजा हिमपात से क्षेत्र का तापमान माइनस चार तक पहुंच गया। इस ताजा बर्फबारी से क्षेत्र में पुराने साल को विदा करने और नए साल का जश्न मनाने आए पर्यटक खुशी से झूम उठे। मुनस्यारी एवं उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार हो रहे हिमपात और अन्य स्थानों पर पाला पड़ने से समूचा सीमांत जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं।
पिथौरागढ़ में भी सुबह-शाम गलन होने से लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ रही है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ में 27 दिसंबर का दिन सबसे अधिक ठंडा रहा। बुधवार रात न्यूनतम तापमान माइनस 0.7 रिकार्ड किया गया। पिछले वर्ष न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री था। बारिश के भी आसार बन रहे हैं।
सरोवर नगरी नैनीताल में बुधवार रात का तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इस कारण बृहस्पतिवार सुबह कई स्थानों पर पानी के ऊपर बर्फ की परत जम गई। शहर में दिन में धूप खिलने के बाद भी हाड़ कंपाने वाली ठंड दिन पड़ रही है।
बीते दो दिनों से कोहरा छाने और पाला गिरने से रात में बुधवार रात तापमान माइनस 1 डिग्री तक पहुंच गया है। पाला गिरने के चलते कई स्थानों पर फिसलन बढ़ गई है। यहां यह बता दें कि दिसंबर बीतने के बावजूद सरोवर नगरी में अभी तक बर्फबारी नहीं हुई है।
बृहस्पतिवार चंपावत जिले का इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। दिन भर धूप के बावजूद शीत लहर का प्रकोप रहा। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस वजह से कई हिस्सों में पेयजल लाइन में सुबह के वक्त पानी भी जम गया। दस बजे के बाद पानी की आपूर्ति सुचारू हो पाई।