- खत शैली के 25 गांवों के लोगों ने दोहा में देवता को अर्पित की फूलियात
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। दोहा गांव स्थित चालदा महासू मंदिर में खत शैली के 25 गांवों के ग्रामीणों व भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने फूलियात अर्पित की। इस दौरान उन्होंने माथा टेककर अपने परिवार से नाते-रिश्तेदारों के सुख, शांति व समृद्धि के लिए प्राथनाएं की। मंदिर परिसर में लोक गीत व लोक नृत्यों का भी आयोजन किया गया।
जौनसार बावर क्षेत्र की निचली खतों के आराध्य चालदा महासू देवता इस समय खत शैली के दोहा गांव स्थित मंदिर में विराजमान हैं। खत शैली से संबंधित सभी 25 गांव के लोग बुरांश के फूलों के गुच्छों से फूलियात बनाकर देवता को समर्पित करने के लिए मंदिर परिसर पहुंचे। अलग-अलग गांवों के रास्तों से ढोल, नगाड़े की धुन पर थिरकते व देवता के जयकारे लगाते हुए ग्रामीणों का मंदिर पहुंचने का सिलसिला देखने लायक था। सभी गांवों के निवासी व आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने मंदिर परिसर में पहुंचकर पूजा अर्चना व प्रार्थना के बाद सामूहिक रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। इस दौरान लोगों ने हारूल नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर मंदिर के पुजारी भीम दत्त जोशी, बारूदत्त जोशी, विद्या दत्त जोशी, मंदिर समिति के अध्यक्ष व खत स्याणा राजेंद्र सिंह तोमर, अर्जुन सिंह, देव मेहता, खत शैली कर्मचारी समिति के अध्यक्ष श्याम सिंह चौहान, ब्लॉक प्रशासक मठोर सिंह चौहान, अतर सिंह, महावीर सिंह चौहान, चमन सिंह चौहान, अर्जुन सिंह उपस्थित रहे।
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बोईयाथात में धूमधाम से मनाया गया बिस्सू पर्व
चकराता। धुनो खत के जाड़ी, सिजला, मुंगाड़ के ग्रामीणों ने बोयाथात में पूरी श्रद्धा व हर्षोल्लास से लोक पर्व बिस्सू मनाया। रविवार की सुबह तीनों गावों के निवासी महिला, पुरुष व बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में ढोल नगाड़े बजाते हुए बोईयाथात पहुंचे। तीनों गांवों के ग्रामीणों ने एक दूसरों को बिस्सू पर्व की बधाई देने के साथ दिनभर लोक संस्कृति पर आधारित गीत, हारुल, जैंता, रासौ जंगाबाजी, टोउड़ा नृत्य आदि कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कलम सिंह चौहान, शूरवीर चौहान, केशर सिंह चौहान, मेहर सिंह चौहान, सुरेंद्र चौहान, चमन चौहान, कुंदन चौहान, भगत सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।