जनजातीय क्षेत्र में इन दिनों बिस्सू पर्व का उल्लास जारी है। सोमवार को उद्पाल्टा खत के सैकड़ों लोग बिस्सू मनाने चबरियाया थात नामक स्थान पर एकत्र हुए। उन्होंने पारंपरिक परिधानों में सामूहिक नृत्य कर लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। लोक नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा।
खत के उद्पाल्टा, उपरोली, विनोऊ, बन्तोऊ, राणी गांव, कुरोली, नेवी, खतासा समेत नौ गांव के लोग सोमवार की सुबह करीब 11 बजे अलग-अलग टोलियों में पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ। दोपहर बाद तक लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। उन्होंने सामूहिक रूप से हारूल, जैंता और जुड्डो नृत्य किया। ढोल-दमाऊ की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में सजीं महिलाओं ने जैंता रासो नृत्य किया। लोगों ने एक दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
खत के स्याणा राजेंद्र सिंह राय, अमर सिंह चौहान, मोहन लाल शर्मा ने बताया कि जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र अपनी अनूठी संस्कृति के लिए विख्यात है। उन्होंने बताया कि किसी कारण से 35 साल पूर्व बिस्सू मनाना बंद कर दिया गया था, लेकिन लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए बीते साल से फिर से इस त्योहार को चबरियाया थात में मनाने का निर्णय लिया गया।
इस मौके पर सतपाल राय, तिलक राम शर्मा, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख खजान सिंह नेगी, सूरत सिंह तोमर, टीकम सिंह, जयपाल सिंह, मोहर सिंह, बारूदत्त शर्मा, राजेंद्र दत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।