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Bird Flu : उत्तराखंड पशुपालन विभाग ने जिलों को जारी की गाइडलाइन, अभी तक नहीं मिला एक भी मामला

Wed, 06 Jan 2021 03:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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बर्ड फ्लू - फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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प्रदेश में बर्ड फ्लू को लेकर पशुपालन विभाग ने सभी जिलों को गाइडलाइन जारी कर दी है। वहीं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ब्लॉक स्तर पर गठित रैपिड रिस्पांस टीम के माध्यम से पोल्ट्री फार्म पर निगरानी रखी जाए।

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निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी कोई मामला सामने आता है तो सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल भेजा जाए। पशुपालन निदेशक डॉ.केके जोशी ने बताया कि प्रदेश में अभी तक बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर विभाग की ओर से सभी जिलों को गाइडलाइन जारी कर दी गई है। खासतौर पर पोल्ट्री फॉर्म को लेकर विशेष रूप से एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

रोकथाम की जिम्मेदारी वन विभाग पर

बर्ड फ्लू का एक भी मामला सामने न आने से फिलहाल वन विभाग राहत में है। वन विभाग की ओर से आद्र भूमि या वैटलैंड की छानबीन का सिलसिला जारी रहा। वैसे वन विभाग के लिए यह काम आसान साबित नहीं हो रहा है।
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प्रदेश में 900 से अधिक वैटलैंड हैं और इनमें आसन बैराज, झिलमिल आदि प्रवासी पक्षियों के हिसाब से महत्वपूूर्ण हैं। वन विभाग के मुुताबिक आसन बैराज में ही 19 नस्ल के प्रवासी पक्षी हर साल पहुंचते हैं। इनकी संख्या कई बार छह हजार से अधिक हो जाती है। बताया जा रहा है कि बर्ड फ्लू संक्रमण की अधिक आशंका प्रवासी पक्षियों से ही अधिक है। यह समय इन पक्षियों के एक जगह से दूसरी जगह जाने का भी है।

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अभी तक नहीं मिला एक भी मामला

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने बताया कि मंगलवार को वन विभाग पूरी तरह से सक्रिय रहा और एक भी मामला सामने नहीं आया। कोई मामला सामने आता है तो उसे आधे घंटे में रिपोर्ट करने को कहा गया है।

केंद्र की गाइडलाइन पर गंभीरता नहीं

कड़वा सच यह भी है कि केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देश को लेकर अभी सरकारी महकमे अधिक सक्रिय नहीं हुए हैं। दिशा निर्देश में लोगों को बर्ड फ्लू को पहचानने, एच1एन5 वायरस से संक्रमित होने पर उभरने वाले लक्षणों की जानकारी लोगों को देना भी शामिल है। विभागों ने अभी तक इस पर काम शुरू नहीं किया है।

मुर्गी बाड़ों की भी ली जा रही जानकारी

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग के मुताबिक मुर्गी बाड़ों, बतखों आदि पर भी नजर रखी जा रही है। पड़ोसी राज्य हिमाचल में संक्रमण का मामले सामने आने की वजह से अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। वन विभाग पूरी तरह से सतर्क है और लगातार निगरानी की जा रही है।
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