बर्ड फ्लू के अलर्ट के बाद अंडे और मुर्गियों के चूजों की सप्लाई में फिलहाल कोई कमी नहीं देखी जा रही है। एडवांस फार्मिंग के स्वामी रोहित गोलदार ने बताया कि वह हर सप्ताह पांच हजार चूजे पश्चिमी बंगाल और 5,200 चूजे रुद्रप्रयाग भेज रहे हैं।
एनएच किनारे खेत में पड़े मृत मुर्गों से खलबली
सितारगंज में एनएच-74 पर आबादी से बाहर सड़क किनारे गन्ने के खेत में मृत मुर्गे पड़े होने की सूचना से खलबली मच गई। लोगों ने बर्ड फ्लू की आशंका जताते हुए वन विभाग को जानकारी दी और रेंजर से मृत पड़े मुर्गों का पोस्टमार्टम कराकर उनकी मौत के कारणों की जांच कराने की मांग की।
बसपा के विधानसभा प्रभारी इकशाद अहमद पटौदी ने बताया कि सितारगंज से गोरीखेड़ा चौराहा होते हुए किच्छा की तरफ जाने वाले रास्ते पर हाईवे किनारे गन्ने के खेत में कुछ मृत मुर्गों को फेंका गया है। बताया कि बर्ड फ्लू को लेकर प्रदेशभर में सरकार ने अलर्ट जारी किया है। ऐसे में इस तरह खुले में मृत मुर्गों का फेंका जाना संदेहास्पद है।
कहा कि अभी कोरोनाकाल से लोग नहीं संभल सके हैं, ऐसे में बर्ड फ्लू जैसी गंभीर बीमारी ने पैर पसारे तो क्षेत्र में हालात गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने वन रेंजर जीपी डिमरी से मृत मुर्गों का पोस्टमार्टम कराकर उनकी मौत के कारणों का पता लगाने की मांग की है।
बर्ड फ्लू को लेकर वन विभाग ने भी विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। तराई के जलाशयों में आए विदेशी पक्षियों के स्वास्थ्य की निगरानी ड्रोन से की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से जलाशयों पर ड्रोन कैमरे की व्यवस्था की जा रही है। यदि असमय किसी पक्षी की मौत होती है तो जांच के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।
तराई के धौरा, बैगुल और नानकसागर जलाशयों में सर्दी के सीजन में साइबेरिया, यूरोप और मध्य पूर्वी देशों से विभिन्न प्रजाति के पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। जलाशयों के आसपास रूडी शेल्डक, ग्रे लेग गूस, कॉमन पोचार्ड, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, पल्लास गुल्ल, यूरेशियन कूट आदि प्रजाति के पक्षी देखे जा सकते हैं।
सरकार के निर्देश पर वन विभाग ने इनकी विशेष निगरानी करवानी शुरू कर दी है। बाराकोली वन क्षेत्र के दफ्तर में दो ड्रोन कैमरे हैं। इनसे मेहमान पक्षियों की निगरानी की जाएगी। शुक्रवार को धौरा और बैगुल जलाशयों के पास ड्रोन कैमरे लगाए जाएंगे। विभाग का कहना है कि जरूरत पड़ी तो अन्य रेंजों से ड्रोन कैमरे मंगाए जा सकते हैं।
विभाग का मकसद बर्ड फ्लू को यहां फैलने से रोकना है। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए जलाशयों में आए विदेशी पक्षियों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे पक्षियों पर विभाग नजर रख सकेगा और पक्षियों के शिकार पर भी रोक लगेगी।
- अभिमन्यु, आईएफएस एवं प्रभारी रेंजर, बाराकोली वन रेंज, सितारगंज