सरकार ने भोजन माताओं के मानदेय में पांच सौ रुपये की बढ़ोतरी की है। भोजन माताओं को एक अगस्त से बढ़ा हुआ मानदेय मिलने लगेगा। शासन की ओर से इसके लिए धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।
प्रदेश के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में 28016 भोजन माताएं कार्यरत हैं। इन्हें अब तक 1500 रुपये मानदेय मिलता रहा है, जिसे बढ़ाकर अब 2000 रुपये कर दिया गया है। इसमें 900 रुपये केंद्रांश और 1100 रुपये राज्यांश होगा। इसके लिए शासन ने 12 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए हैं।
सचिव विनोद शर्मा की ओर से भोजन माताओं के मानदेय में बढ़ोत्तरी के आदेश जारी कर दिए गए हैं। राज्य परियोजना निदेशक एसएसए रंजना ने कहा कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं राजकीय सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में कार्यरत भोजन माताओं को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए जल्द ही जनपदों को धनराशि अवमुक्त की जाएगी।