समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। चंद्रशेखर ने मंच से यह साबित करने की भी कोशिश की कि उनका संगठन राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक मुद्दों की राजनीति कर रहा है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को जम्मू कश्मीर में सैनिकों की शहादत पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
कहा कि हमला मोदी सरकार की विफलता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए सैनिकों पर झूठा आतंकवादी हमला कराया गया। क्योंकि अमेरिकी इंटेलीजेंस ने एक माह पहले ही सरकार को इसकी जानकारी दे दी थी।
इसके बावजूद 300 किलो से ज्यादा आरडीएक्स सैनिकों के ट्रक तक कैसे पहुंच गया। चंद्रशेखर ने मंच से अर्द्धसैनिकों को पेंशन दिए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि देश में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे हैं।
जबकि संविधान में आदिवासियों को वन संपदा पर अधिकार दिया गया है। बावजूद इसके उन्हें निकाला जा रहा है। कहा कि आदिवासियों के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।
चंद्रशेखर ने मंच से सीएम त्रिवेंद्र रावत के शराब पीड़ितों के घर न पहुंचने को लेकर भी कड़ी आलोचना की। इस दौरान पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी, प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह, मुन्नी लाल, प्रमोद महाजन, सुशील पाटिल, अमरीश कपिल, अजीत, सोनू, मुफ्ती मासूम, चौधरी देवेंद्र, भंवर सिंह, विवेक सेन, पंकज जाटव व रामपाल समेत तमाम लोग मौजूद रहे।