उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर मिला, जहां वे तमाम महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनका विवाह भी आईएएस अधिकारी मीता के साथ हुआ। उनकी योग्यता को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान उन्हें पीएमओ में महत्वपूर्ण पोस्टिंग दी गई थी जहां वे अब तक कार्यरत थे।
भास्कर एक मध्यमवर्गीय परिवार से थे। उनका परिवार नैनीताल में तल्लीताल में लक्ष्मी कुटीर के निकट रहता था। उनके पिता ख्यालीराम खुल्बे कांट्रेक्टर थे और उनके दो भाई नवीन व जीवन बैंक अधिकारी रहे।
भास्कर के साथ डीएसबी में विद्यार्थी रहे अल्मोड़ा परिसर में इतिहास के प्रोफेसर अनिल जोशी और प्रसिद्ध उद्घोषक हेमंत बिष्ट बताते हैं कि भास्कर को कॉलेज के दिनों में नाटकों में अभिनय का भी शौक था।
यद्यपि वे बहुत शांत और सौम्य स्वभाव के थे लेकिन नाटकों में अपने चुलबुले अभिनय से दर्शकों को लोटपोट कर देते थे। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो केएस राणा और भास्कर के निकट रहे जूलॉजी के प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट ने उनकी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे कुमाऊं विवि के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए विद्यार्थियों से उनसे प्रेरणा लेने की अपील की है।