उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर से भूचाल के संकेत पैदा हो रहे हैं। बीजेपी में भीतरघरत की बू आ रही है। वहीं पूर्व सीएम विजय बहुगुणा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की मुलाकात ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
हरक सिंह रावत का कैबिनेट बैठक में न पहुंचने, उनके बार-बार कहने के बावजूद कोटद्वार में डॉक्टरों को पोस्टिंग न देने के बयान समेत कुछ हालिया घटनाओं से यह संदेश गया है कि बीजेपी में आने वाले नेताओं को भरपूर तवज्जो नहीं मिल रही है। उपेक्षा की इन चर्चाओं के बीच बृहस्पतिवार को पूर्व सीएम विजय बहुगुणा की प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से मुलाकात ने तमाम तरह की सियासी अटकलों को जन्म दे दिया है।
गौरतलब है कि हरिद्वार समेत अन्य, जहां भी गुटबाजी की खबरें आई हैं, उसमें एक पक्ष पुराने भाजपाइयों का रहा, तो दूसरा कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले नेताओं का। इस बात के आसार हैं, कि यह मामला बीजेपी की अंदरूनी राजनीति को गरमा सकता है। यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि जल्द ही पूर्व सीएम विजय बहुगुणा बीजेपी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिल सकते हैं।
पूर्व सीएम विजय बहुगुणा बृहस्पतिवार शाम अपने पुत्र सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा के साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के देहरादून स्थित निवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब आधा घंटा बात हुई। इस मौके पर बीजेपी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी बलजीत सिंह सोनी भी मौजूद थे।
यह भी जानकारी मिली है कि भट्ट से मुलाकात के कुछ देर बाद ही शाम आठ बजे विजय बहुगुणा ने हरक सिंह रावत से भी मुलाकात की। अजय भट्ट भले ही इंकार करें, मगर बहुगुणा से मुलाकात के दौरान बातचीत में हरक के संदर्भ में कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं की उपेक्षा की मसला आया। एक जिम्मेदार इस पूरे मसले पर हंसते हुए कुछ यूं कहते हैं, क्यों उगलवाना चाहते हैं, क्या चल रहा है, आपको तो पता ही है।
माना जा रहा है कि पिछले साल बागियों के गुट की अगुवाई करने वाले बहुगुणा ने कुछ नेताओं की उपेक्षा पर चर्चा की है। हालांकि बीजेपी ने इस तरह की अटकलों को नकार दिया है। पार्टी ने कहा है कि यह दोनों नेताओं के बीच शिष्टाचार भेंट थीं। इसके अलावा, और कोई मामला नहीं है। दरअसल, यह मुलाकात इस नजरिए से अहम हो गई थी कि बुधवार को ही हरक सिंह रावत की नाराजगी सामने आई थी।
अमर उजाला के सवाल पर कैबिनेट बैठक में शामिल न होने के सवाल पर उन्होंने नाराजगी से इंकार किया था, मगर अधिकारियों की न सुनने पर वे मुखर हो गए थे। उनकी आवाज में काफी तल्खी थी। उन्होंने कोटद्वार हॉस्पिटल में उनके कहने के बावजूद डॉक्टर न भेजे जाने पर नाराजगी जरूर जताई थी। उनके इस बयान के खिलाफ बीजेपी के एक पदाधिकारी ने कोटद्वार में प्रेस कान्फ्रेंस करके स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बता दिया था। हरक सिंह रावत के खिलाफ सक्रिय इस गुट का जवाब देने के लिए उनके प्रेस सचिव चंद्रमोहन जदली सामने आए। एक बयान में उन्होंने मंत्री की नाराजगी का समर्थन किया है।
हरिद्वार के विधायक भी भट्ट से मिले
हरिद्वार के विधायक भी भट्ट से मिले
तिरंगा यात्रा के दौरान खानपुर में निशंक और चैंपियन समर्थकों के बीच लड़ाई के मामले की गूंज बृहस्पतिवार को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सुनाई दी। इस मामले में खानपुर विधायक कुंवर प्रणव चैपियन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर हरिद्वार के विधायकों ने नाराजगी जताई। चैंपियन के साथ विधायक यतीश्वरानंद और सुरेश राठौर ने भी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से मुलाकात की।
-पार्टी में कहीं कोई गुटबाजी या असंतोष नहीं है। बहुगुणा जी मेरे सीनियर हैं, इसके बावजूद वह शिष्टाचार भेंट के लिए मेरे घर आए। किसी की भी नाराजगी का कोई जिक्र ही नहीं हुआ। इसी तरह, हरिद्वार के विधायकों ने एफआईआर दर्ज होने पर नाराजगी जताई है। मैने प्रदेश महामंत्री को पूरी स्थिति का पता लगाने के लिए कहा है।
अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी।