पुराणों के अनुसार यमराज ने अपनी बहन यमुना को वरदान दिया था कि कार्तिक शुक्ल द्वितीया को जो भाई अपनी बहन के घर भोजन करे और यमुना के जल में स्नान करे उसे यम की यातना और मृत्यु के भय से मुक्ति मिल जाएगी।
इस दिन को भैया दूज के रूप में मनाया जाता है। तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल, प्यारेलाल उनियाल, कुलदीप उनियाल आदि ने बताया कि भैया दूज के दिन यमुना के भाई यम, शनि और हनुमान उनसे मिलने यमुनोत्री आते हैं।
इस दिन यमुनोत्री धाम में यमुना नदी में डुबकी लगाने से पापों के साथ ही मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। साथ ही शनि की वक्रदृष्टि से बचाव के साथ ही बजरंगबली की कृपा भी मिलती है। यही कारण है कि हर साल भैया दूज के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं।