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भाजपा सांसद ने गोद लिया गांव, आए अच्छे दिन

Mon, 03 Nov 2014 03:28 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, खटीमा (ऊधमसिंह नगर)
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सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने खटीमा तहसील मुख्यालय से 30 किमी दूर घने जंगल के बीच बसे सरपुड़ा बग्घा 54 गांव को गोद ले लिया है। गांव के सांसद आदर्श गांव घोषित होते ही गांव वालों में इसके विकास की उम्मीद जगी है।
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मूलभूत सुविधाओं से वंचित
1970 में तत्कालीन विधायक इंद्रलाल के समय चार गांव बग्घा 54, फागपुर, इंद्रपुरी और पचौरिया टौंगिया पद्धति से बसाए गए थे। इन चार गांवों में फागपुर और इंद्रपुरी अब राजस्व ग्राम हैं। बग्घा 54 को सरपुड़ा तो पचौरिया को कुटरी राजस्व ग्रामों से जोड़ा गया है।

टौंगिया पद्धति के तहत भूमिहीन परिवारों को यहां वन विभाग द्वारा लगाए गए पेड़ों की सुरक्षा के लिए बसाया गया था। इन परिवारों को पेड़ों की सुरक्षा के साथ-साथ खेती के लिए जमीन भी दी गई थी। लेकिन बग्घा गांव 44 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
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खटीमा शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में बरसात में पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यहां न तो बैंक हैं न पोस्ट आफिस और ना ही कोई अस्पताल। अब सांसद भगत सिंह कोश्यारी के इस गांव को आदर्श ग्राम घोषित करने के बाद यहां के ग्रामीणों को विकास की उम्मीद जगी है।

तीन चरणों में होंगे विकास कार्य
इस गांव की आबादी पांच हजार से अधिक है। सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गांवों का विकास तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के कार्य तीन माह में पूरे करने हैं।

इसमें गांव की सफाई, हरियाली, स्कूल-आंगनबाड़ी में गांव के 100 प्रतिशत बच्चों का एडमीशन, सभी किसानों के हेल्थ कार्ड/आधार कार्ड, स्मार्ट स्कूल, हर गांव का अपना आर्थिक एजेंडा जिसमें गांव में होने वाले उत्पाद का उत्पादन बढ़ाना शामिल है।

इसके अलावा, अस्पताल, स्कूल, लाइब्रेरी, खेल का मैदान, ई-साक्षरता, सार्वजनिक शौचालय की सुविधा सांसदों द्वारा गांव में उपलब्ध कराई जाएगी।

उत्तराखंड बनने के बाद से थी विकास की उम्मीद
सरपुड़ा-बग्घा 54 के ग्रामीणों ने सांसद भगत सिंह कोश्यारी द्वारा सांसद आदर्श ग्राम घोषित किए जाने का स्वागत किया है। ग्रामीण सदानंद जोशी और कैलाश पांडे ने कहा कि उत्तराखंड बनने के बाद से ही उन्हें गांव का विकास होने की उम्मीद थी।

14 साल बाद अब यह सपना पूरा होने जा रहा है। पूर्व सैनिक दिनेश सिंह कन्याल ने कहा कि गांव के लोग सांसद कोश्यारी और विधायक के लगातार संपर्क में थे। कई बार विधायक  धामी ने गांव का भ्रमण किया।

नारायण दत्त तिवारी विद्यालय के शिक्षक हरीश सिंह दिगारी ने कहा कि 1970 में बसाए गए इस गांव में कांग्रेस सरकार में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना से बिजली, स्कूल, कुछ खडं़जे बने। लेकिन जिस गति से विकास होना चाहिए था वह नहीं हो पाया।
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आज भी लोग सड़क के लिए परेशान हैं। हाईस्कूल के बाद बच्चों को बाहर जाना पड़ता है। इस कारण लड़कियों की पढ़ाई नहीं हो पाती है।
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