ये रहेगा शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह लगभग 9:45 बजे तक रहेगी। उदय व्यापिनी सिद्धांत के अनुसार पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा। 28 अगस्त को पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
इसलिए इसका रक्षाबंधन पर्व पर कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार रक्षाबंधन के दिन स्नान के बाद सबसे पहले भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित कर लक्ष्मी-नारायण की पूजा करनी चाहिए। इस दिन श्रावणी उपक्रम के तहत वैदिक ब्राह्मण यज्ञोपवीत भी बदलते हैं।