इससे इंजन से तेल लीक होने लगा। इस बीच चालक राजू लाल मीणा और सहायक चालक राजीव कुमार को आवाज सुनाई दी। गड़बड़ी होने की आशंका के चलते चालक ने ट्रेन की रफ्तार कम कर दी और रायसी रेलवे स्टेशन पर ले जाकर ट्रेन रोक दी। इसके बाद दोनों चालकों ने इंजन से नीचे उतरकर जांच की तो हादसा होने का पता लगा।
उन्होंने इंजन से तेल निकलता देख मामले की सूचना कंट्रोल रूम मुरादाबाद को दी। हादसे की सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सूचना फ्लैश होते ही लक्सर आरपीएफ प्रभारी सोनी शर्मा, रेल पथ निरीक्षक पवन कुमार, लोको इंस्पेक्टर बालेश शर्मा, यातायात निरीक्षक पीके सिंह और जीआरपी के एसआई धीरेंद्र अधिकारी में रायसी पहुंचे और चालकों से जानकारी ली।
जानकारी लेने के बाद सभी अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने देखा कि पुल संख्या 1254 के पास डाउन लाइन पर फिश प्लेट के बोल्ट गायब थे, जबकि प्लेट वहीं पड़ी थी। इसके बाद दूसरी फिश प्लेट लगाकर लाइन की मरम्मत की गई और दूसरा इंजन रायसी मंगवाकर ट्रेन में जोड़कर उसे रवाना किया गया। इस दौरान करीब आधा दर्जन ट्रेनें प्रभावित हुई।
लक्सर में रेलवे लाइन पर हादसा होने की जानकारी मिलते ही जांच के लिए दिल्ली से आईबी व सीआईबी की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने रेलवे लाइन का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान दिल्ली से आई टीम ने स्थानीय रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ व जीआरपी से पूरे मामले की जानकारी ली। वहीं, सहायक मंडल सुरक्षा आयुक्त एके सिंह ने भी लक्सर पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
जांच के दिए निर्देश
एसएसपी जीआरपी रोशन लाल शर्मा ने मामले की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने एसपी मनोज कत्याल को मौके पर भेजकर पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए। जीआरपी और आरपीएफ अपने स्तर पर बारीकी से मामले की जांच कर रही है। साथ ही घटना में किसी की संलिप्तता है या नहीं, इस ओर भी गंभीरता से जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच दिए गए हैं।