भालू के हमले सेब की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर रहे हैं
मौसम की मार के बाद अब भालू के हमले सेब की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर रहे हैं। लगभग 80 प्रतिशत फसल पहले ही ओलावृष्टी और बीमारी में खराब हो चुकी थी। ऐसे में फल पकने के समय बची हुई 20 प्रतिशत पैदावार को भी भालू तबाह कर रहे हैं। जिससे काश्तकारों की थोड़ी बहुत कमाई करने की उम्मीद भी खत्म हो रही है। वहीं वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम न उठाने के कारण सेब उत्पादक आक्रोषित हैं।
हर्षिल, धराली, सुक्की आदि क्षेत्रों में भालू सेब की फसल को तबाह कर रहे हैं। भालू सेब खाने के साथ ही फलदार पेड़ों को भी तोड़ रहे हैं, जिससे किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है। सुक्की के मोहन सिंह राणा का कहना है कि, भालूओं ने अब तक मेरे बगीचे में ही 30 से 40 पेड़ तोड़ दिए हैं। जिन्हें फल देने लायक बड़ा करने में 10 से 15 साल लग गए थे। मेरे अलावा आसपास के अन्य लोगों का भी बहुत नुकसान हुआ है। लेकिन वन विभाग हमारी सहायता के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।
उधर धराली के संजय सिंह पंवार ने कहा कि, फल खाने से अधिक पेड़ तोड़ने पर नुकसान होता है। इस साल सेब उत्पादकों को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है, ऐसे में जो कुछ बचा था वो भी भालूओं ने उजाड़ दिया है। भालू को भगाने के लिए रातभर चौकीदारी करनी पड़ रही है, जिसमें बहुत खतरा होता है। भालूओं के डर से कई लोगों ने अधपके फलों को ही तोड़ना शुरु कर दिया है। वन विभाग को भालूओं को रोकने के लिए विद्युत तारबाड़ व सुरक्षाकर्मी तैनात करने चाहिए। जिनका नुकसान हुआ है उन्हें भी विभाग से मुआवजा दिया जाना चाहिए।
वहीं डीएफओ संदीप कुमार ने कहा कि, भालूओं की समस्या को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही विभाग के कर्मचारियों को क्षेत्र में तैनात कर सुरक्षा इंतजाम कराए जाएंगे।