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आखिर क्यों उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री को कहना पड़ा 'पद छोड़ दूंगा पर माफी नहीं मागूंगा'?

Wed, 13 Sep 2017 03:24 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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पैसे कमाने के लिए शिक्षा मंत्री नहीं बने
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शहीद नरपाल सिंह राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षिका के साथ कथित अभद्रता के मामले में उत्तराखंड के शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने सफाई दी। इस दौरान शिक्षामंत्री का दर्द भी छलक गया और उन्होंने जरूरत पड़ने पर मंत्री पद छोड़ने तक की बात कह दी।
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बुधवार को हल्द्वानी में आयोजित एक कार्यक्रम में शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि वह पैसे कमाने के लिए शिक्षा मंत्री नहीं बने हैं। मजदूर के बेटे हैं, न गलत करेंगे और न होने देंगे। कहा कि उन्हें मंत्री पद का कोई लोभ नहीं है।

शिक्षिका को फटकार लगाने के बाद हुई किरकिरी और प्रदेशभर में किए गए शिक्षकों के विरोध के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि पहली बार बोल रहा हूं। मैंने अपने स्कूल की इज़्ज़त बचाई, लेकिन शिक्षक सुधरने को तैयार नहीं हैं। स्कूल की अध्यापिका ने कहा बच्चों से कहा किताब ना लाओ।
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क्लास में कोई बच्चा किताब नहीं लाया था। एक सिंगल बच्चे के पास किताब नहीं थी। विज्ञान की टीचर के पास किताब नहीं थी। विज्ञान की, मेरी बात गलत साबित हुई तो अपने पद से तत्काल त्याग पत्र दे दूंगा। टीचर कुंजी लेकर आई थी, कुंजी से ब्लैक बोर्ड पर लिख रही थीं। उन्होंने कहा कि वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार के नजरिए से निरीक्षण कर रहे हैं, ऐसे में शिक्षकों से सहयोग नहीं मिला तो उन्हें सोचना पड़ेगा।

जरूरत पड़ी तो वह इस्तीफा देने से भी परहेज नहीं करेंगे। बता दें कि सोमवार को शिक्षामंत्री ने शहीद नरपाल सिंह राजकीय इंटर कॉलेज थानों का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने शिक्षिका से सवाल किए थे। वहीं एक शिक्षिका को गाइड से पढ़ाने को लेकर फटकार भी लगाई थी। राजकीय इंटर कॉलेज थानो में निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षिका को डांटने का मामला तूल पकड़ गया है। शिक्षकों ने इस मामले में मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मामले को लेकर सभी शिक्षक संगठनों की जिला कार्यकारिणी ने मंगलवार को बैठक कर शिक्षा मंत्री के रवैये पर नाराजगी जताई और आंदोलन की चेतावनी दी है। 

राजकीय शिक्षक संघ के आह्वान पर मंगलवार को तीनों प्रमुख शिक्षक संगठनों की डायट सभागार में बैठक हुई। जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल ने कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज थानो में निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने सार्वजनिक रूप से एक शिक्षिका के साथ अभद्रता की। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों का शोषण और उत्पीड़न है। शिक्षक हितों के कुठाराघात के खिलाफ प्राथमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक और राजकीय शिक्षक संघ के शिक्षक बुधवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताएंगे। बैठक में राजकीय सिंह संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री डा. सोहन माझिला, रविंद्र पुंडीर, नरेंद्र सिंह बिष्ट, राकेश काला, राजीव गुजरान, राजवीर सिंह लिंगवाल, रमेश पैन्यूली, भाष्कर रावत, अनिल नौटियाल, संजय बिजलवाण, मोहन वशिष्ठ, मृदल कुमार, वीरेंद्र कृषाली, प्रमोद रावत समेत अन्य मौजूद रहे। 
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