पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा
सीएचसी पोखरी के चिकित्सक डॉ. सनी चौधरी और डॉ. मोहिनी ने बताया कि विमला देवी की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि लक्ष्मी देवी भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई हैं। विमला देवी के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए कर्णप्रयाग से डॉक्टरों की टीम सीएचसी पोखरी पहुंच रही है। घटना की जानकारी मिलते ही केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं सहित वनकर्मी भी अस्पताल पहुंच गए।
रेंजर कपिल गुसाईं ने बताया कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों को घायल महिला के साथ हायर सेंटर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा और क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाएगी।वहीं, प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन और एसडीओ मोहन सिंह नेगी भी पोखरी पहुंच रहे हैं।
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वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोशभालू के हमले की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग सीएचसी पोखरी पहुंच गए। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से भालू की सक्रियता बनी हुई है, जिससे जंगल जाने वाली महिलाओं और ग्रामीणों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू के आतंक से निजात दिलाने, प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।