आए दिन डंडी से अस्पताल ले जाने की मजबूरी
पिनाऊं गांव के आशा बिमला देवी, लखपत सिंह, हिम्मत सिंह, लक्ष्मण सिंह, हरूली देवी, कस्तूरा देवी, नंदी देवी, सुरेंद्र सिंह, मोतिमा देवी आदि ने गर्भवती को छह किमी डंडी से खतरनाक रास्ते से सड़क मार्ग पहुंचाया। ग्राम प्रधान लखपत दानू ने बताया कि दो- दो मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी यह सड़क नहीं बनी। उन्होंने कहा कि सड़क नहीं होने से ग्रामीण बीमार व गर्भवती को आए दिन डंडी से अस्पताल ले जाने को मजबूर हैं।
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पिनाऊं गांव के लिए जो सड़क स्वीकृत हुई है। उसमें काफी संख्या में बाज व बुराश के पेड़ हैं। इसमें वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई चल रही है। धुराधारकोट- वांक- पिनाऊं के नाम से सड़क स्वीकृत हुई है। लेकिन लोहाजंग से वांक गांव तक सड़क बन गई है। अगर ग्रामीणों की सहमति हुई तो वांक गांव से भी पिनाऊं के लिए सड़क जा सकती है। -मनीष डोगरा, ईई लेानिवि थराली।