उत्तराखंड को बीसीसीआई से मान्यता दिलाने के लिए उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने एक बार फिर पहल शुरू की है। एसोसिएशन ने राज्य की सभी एसोसिएशनों को एक साथ लाकर बीसीसीआई से वार्ता करने का प्रस्ताव बनाया है। वहीं ऐसा न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए भी एसोसिएशन तैयार है।
नहीं मिली मान्यता
उत्तराखंड राज्य को बने हुए 13 साल पूरे हो चुके है, लेकिन क्रिकेट एसोसिएशनों के बीच अहम की लड़ाई के कारण अभी तक मान्यता नहीं मिल सकी है। जबकि उत्तराखंड के साथ बने छत्तीसगढ़ और झारखंड को मान्यता मिले कई साल हो चुके हैं। इतना ही नहीं पूर्वोत्तर के राज्यों को भी बीसीसीआई ने अपना सदस्य बना लिया है। मगर उत्तराखंड को अभी भी उत्तर प्रदेश के रहमोकरम पर रहना पड़ रहा है।
बीसीसीआई के सामने रखा पक्ष
हालांकि राज्य की सभी क्रिकेट एसोसिएशन बीसीसीआई के सामने अपना दावा ठोक चुकी हैं, लेकिन एसोसिएशनों की आपसी लड़ाई के कारण अभी तक मान्यता नहीं मिल सकी है। उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने एक बार फिर पहल की है। एसोसिएशन के सचिव दिव्य नौटियाल ने कहा कि बीसीसीआई के नए पदाधिकारियों से उनकी वार्ता हुई है। उन्होंने सभी एसोसिएशनों को एक साथ आने के लिए कहा है। इसके लिए हमने प्रयास शुरू कर दिए हैं।