सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी ने मलेथा के ग्रामीणों को सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। क्रशरों के निरस्तीकरण का शासनादेश जारी करने की मांग के लिए सीता देवी का आमरण अनशन 10वें दिन भी जारी रहा।
बृहस्पतिवार को सांसद खंडूड़ी ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। सांसद ने कहा कि वह इस बारे में सकारात्मक पहल करेंगे। इस दौरान उन्होंने डीएम से फोन पर वार्ता कर मामले की जानकारी ली। वहीं दूसरी ओर सीता देवी का अनशन 10वें दिन भी जारी रहा।
ग्रामीणों ने पर्यावरण बोर्ड को 120 शपथपत्र भी भेजे। इनमें क्रशरों की स्वीकृति में की गई मानकों की अनदेखी का उल्लेख किया गया। बृहस्पतिवार को क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में शिवदेई, नौरती देवी, राजेश्वरी देवी, कांता देवी, गोविंद राम तिवाड़ी आदि शामिल थे।
राज्यपाल बनने की मेरी कोई इच्छा नहीं : खंडूड़ी
सांसद बीसी खंडूड़ी ने पत्रकारों से कहा कि मोदी सरकार के आने से देश में उत्साह और उमंग का माहौल हैं। उन्होंने कहा कि वे बतौर सांसद जनता की सेवा करना चाहते हैं। राज्यपाल बनने की मेरी कोई इच्छा नहीं हैं। खंडूड़ी ने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री वे में देश में पहली बार लोकपाल बिल लाए थे।
प्रदेश सरकार लोकपाल बिल को लागू न करके भ्रष्टाचार और घूसखोरी को बढ़ावा दे रही है। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष विनोद सुयाल, ब्लाक प्रमुख जयपाल पंवार, मंडल अध्यक्ष मोर सिंह कुमाईं, सांसद प्रतिनिधि नीता ध्यानी, नगर अध्यक्ष विधुर कोठियाल आदि मौजूद थे।