लोगों ने ब्रह्म मुहूर्त से स्नान शुरू कर दिया था। हालांकि सुबह कोहरा होने के कारण घाटों पर भीड़ थोड़ी कम दिखाई दी, लेकिन मौसम खुलने के साथ ही हरकी पैड़ी, सर्वानंद घाट, बिरला घाट समेत सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा पड़ा।
मान्यता है कि आज ही के दिन मां सरस्वती का प्रादुर्भाव हुआ था। बुधवार को बसंत पंचमी की तिथि 29 जनवरी को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से प्रारंभ हुई और 30 जनवरी को दोपहर एक बजे तक रही। 30 जनवरी को पंचमी उदय तिथि में होने के कारण अधिकांश लोग 30 जनवरी को बसंत पंचमी का स्नान किया।